दंतेवाड़ा , अक्टूबर 30 -- छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गमावाड़ा गांव में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) की स्लरी पाइपलाइन बिछाने के दौरान हुई खुदाई के बाद खेतों में पड़े बड़े-बड़े पत्थर किसानों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जमीन को पूर्व की स्थिति में नहीं लाए जाने के कारण पिछले करीब दो वर्षों से कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2023 में गमावाड़ा क्षेत्र में लगभग पांच किलोमीटर लंबी स्लरी पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदाई की गई थी। इस दौरान जमीन से निकले बड़े पत्थरों और मलबे को खेतों से पूरी तरह नहीं हटाया गया। इसके चलते संबंधित भूमि पर खेती करना मुश्किल हो गया है।

किसानों का कहना है कि पाइपलाइन निर्माण से जुड़ी एलएंडटी कंपनी के अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। ग्रामीणों ने खेतों में पड़े पत्थरों को हटाने और जमीन का समुचित समतलीकरण कर उसे दोबारा खेती योग्य बनाने की मांग की है।

दूसरी ओर, एनएमडीसी ने ग्रामीणों के आरोपों के संबंध में अपना पक्ष रखते हुए बताया कि गमावाड़ा क्षेत्र में लगभग पांच किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है। इसमें करीब डेढ़ किलोमीटर शासकीय भूमि और साढ़े तीन किलोमीटर निजी भूमि शामिल है।

एनएमडीसी के अनुसार, संबंधित क्षेत्र की जमीन प्राकृतिक रूप से पथरीली है और पाइपलाइन निर्माण के दौरान खुदाई से निकले पत्थरों का समतलीकरण कराया जा चुका है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी किसान की जमीन पर अतिरिक्त समतलीकरण की आवश्यकता है, तो वह एलएंडटी कंपनी को इसकी सूचना देकर दोबारा कार्य करवा सकता है।

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