रायपुर , अक्टूबर 31 -- छत्तीसगढ़ के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने दीपावली के अवसर पर प्रदेशवासियों से स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा है कि स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यापारियों से की गई खरीदारी उनके आर्थिक सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
श्री वर्मा ने शनिवार को राजधानी रायपुर के पंडरी बाजार पहुंचकर स्थानीय विक्रेताओं से मिट्टी के दीये खरीदे और 'वोकल फॉर लोकल' का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने लोगों से दीपावली पर पारंपरिक कुम्हारों, हस्तशिल्पियों और छोटे दुकानदारों द्वारा तैयार उत्पाद खरीदने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' और आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने के लिए आम नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है। स्थानीय उत्पादों की खरीद से न केवल पारंपरिक व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि उनसे जुड़े परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है।
राजस्व मंत्री ने कहा कि मिट्टी के दीये भारतीय संस्कृति और परंपराओं का अभिन्न हिस्सा हैं। इनका उपयोग पर्यावरण और प्रकृति से जुड़ाव का संदेश देने के साथ कुम्हार समुदाय की आजीविका को भी सहारा देता है। छत्तीसगढ़ के स्थानीय शिल्पकारों द्वारा निर्मित वस्तुएं प्रदेश की समृद्ध लोककला और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती हैं।
श्री वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों को आर्थिक संबल मिलेगा और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और परिवारों से दीपावली की खरीदारी के दौरान मिट्टी के दीये, पूजा सामग्री, सजावटी वस्तुओं और हस्तशिल्प उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान स्थानीय बाजारों में होने वाली खरीदारी से अनेक परिवारों की आजीविका जुड़ी होती है।
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