चेन्नई , मई 15 -- तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एक बार फिर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) परीक्षा को खत्म करने की मांग की है। यह मांग नीट-यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक और उसके बाद परीक्षा रद्द होने के बाद सामने आई है।

उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा को तत्काल खत्म करने का अध्यादेश उन लाखों छात्रों को तुरंत राहत देगा जो अनिश्चितता और मानसिक आघात का सामना कर रहे हैं और यह उनके परीक्षा में दोबारा बैठने का बोझ कम करेगा। उन्होंने श्री मोदी को लिखे एक पत्र में नीट परीक्षा प्रक्रिया के बार-बार असफल होने, व्यवस्था की कमजोरियों और खासकर देशभर में बड़े पैमाने पर पेपर लीक होने के बाद नीट-यूजी 2026 को चौंकाने वाले तरीके से रद्द करने के बाद लोगों का भरोसे टूटने पर गहरी चिंता जताई है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में नीट-यूजी 2026 के रद्द होने से एक बार फिर केंद्रीय परीक्षा व्यवस्था में मौजूद गहरी संरचनात्मक कमियों का पता चला है। उन्होंने कहा कि 3 मई 2026 को परीक्षा इसलिए रद्द करने पड़ी क्योंकि परीक्षा से पहले व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स में एक 'गेस पेपर' प्रसारित हो गया था, जिसमें 400 से अधिक सवाल थे, जिसमें जीव विज्ञान और रसायन के 120 से अधिक सवाल काफी मिलते-जुलते थे।

रिपोर्टों में बताया गया कि पेपर लीक महाराष्ट्र के नासिक से शुरू हुआ, हरियाणा में फैला, राजस्थान के सीकर, जयपुर और जामवा रामगढ़ समेत कई जिलों में उसके प्रिंटआउट बांटे गए और आखिर में बिहार, केरल, जम्मू - कश्मीर, उत्तराखंड और कई दूसरे राज्यों के उम्मीदवारों तक पहुंच गया। इसमें कम से कम 45 लोगों से जुड़े एक से अधिक राज्यों वाले नेटवर्क का पता चला, जिसके बाद गिरफ्तारियां हुईंश्री स्टालिन ने कहा कि लगभग 22.8 लाख छात्र अनिश्चितता में फंस गए और लाखों ईमानदार उम्मीदवारों को एक बार फिर संस्थागत असफलता की सजा मिली। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से यह कोई अकेली घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि नीट और इससे पहले की परीक्षाओं का इतिहास गड़बड़ियों का एक परेशान करने वाला पैटर्न दिखाता है और 2015 से 2024 तक कई घटनाओं को याद किया, जिसके कारण अदालत के दखल के बाद परीक्षाएं रद्द हुईं, ग्रामीण छात्रों को प्रभावित करने वाली अलग-अलग गड़बड़ियों के सामने आने के बाद सीबीआई ने गिरफ्तारियां कीं।

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