पटना , जून 19 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को घोषणा की कि स्टार्टअप और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार 'बिहार टेक' पोर्टल का निर्माण करेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भारत सरकार के रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव आज राजीवनगर स्थित सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एस०टी०पी०आई०) में आई०टी० इंडस्ट्री स्टार्टअप संगठनों के लोगों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में शामिल हुये।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि स्टार्टअप और उद्योग के लिये 'बिहार टेक' पोर्टल का निर्माण किया जायेगा, इससे बिहार के विकास और गति मिलेगी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को साकार करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार को और अधिक रफ्तार देने के लिए सभी को मिलकर मेहनत करनी होगी।

श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने दो लाख एकड़ सरकारी भूमि की पहचान की है, जिसपर 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में भूमि की कोई कमी नहीं है और किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापना के लिए पूरे राज्य में अवसरों के द्वार खोल दिए गए हैं और निवेशकों को आने वाली बाधाओं को त्वरित रूप से दूर किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा शुरू किए गए सहयोग शिविर और सहयोग पोर्टल के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यदि किसी आवेदन पर 30 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होती है तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी के विरुद्ध मुख्यमंत्री कार्यालय से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। उन्होंने बताया कि सहयोग शिविर में अब तक तीन लाख 26 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें अधिकांश मामलों का समाधान किया जा चुका है। लगभग सात हजार आवेदनों में लोगों ने अधिकारियों के निर्णय पर आपत्ति दर्ज कराई है, जिनके पुनरीक्षण के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

श्री चौधरी ने कहा कि रोजगार और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े युवाओं द्वारा दिए गए सुझाव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सरकार उन्हें उचित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगी तथा जहां कहीं कानूनी या प्रक्रियागत बाधाएं होंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में बिहार को उद्योग एवं निवेश के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में पहुंचाना है, जिससे राज्य की पहचान उद्योगों के लिए हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी बिहार के लिए पानी और आबादी दोनों चुनौती माने जाते थे, लेकिन अब इन दोनों संसाधनों का सकारात्मक उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा करें। सरकार उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान की भूमि है और सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है जिससे राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। उन्होंने कहा कि बिहार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का स्वागत करते हुए कहा कि बिहार में आईटी उद्योग और स्टार्टअप को विकसित करने में उनका विशेष सहयोग मिल रहा है। राज्य सरकार यहां के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री श्री चौधरी और केंद्रीय मंत्री श्री वैष्णव ने स्टार्टअप से जुड़े विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री श्री वैष्णव, नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा , मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत तथा एसटीपीआई के महानिदेशक अरविन्द कुमार ने भी संबोधित किया।

संवाद कार्यक्रम के दौरान आईएमजेड कॉरपोरेट के अस्मित सिंह, टाइगर कंपनी के प्रशांत कुमार, एनआईआरओ जीआईएफ के अस्मित राज, आईटी एसोसिएशन फेडरेशन के नवीन गुप्ता, हाईप्रोटेक के अभिषेक कुमार, केआरआईएम एसएसआई लैब्स के विश्वनाथ झा, जीलो हेल्प के सुमन कुमार तथा सर्वो सुविधा के अतुल आनंद सहित विभिन्न स्टार्टअप और आईटी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने उनके सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना तथा उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

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