भोपाल , सितंबर 07 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हमीदिया अस्पताल के इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री निवास से करीब 200 मीटर पहले रोक दिया। इस दौरान पुलिस और इंटर्न डॉक्टरों के बीच झड़प होने तथा वाटर कैनन के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है।

प्रदर्शनकारी इंटर्न डॉक्टरों के अनुसार उन्हें वर्तमान में करीब 14,337 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है, जिसे बढ़ाकर कम से कम 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से स्टाइपेंड बढ़ाने का मौखिक आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इस संबंध में लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है।

इंटर्न डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनके साथ मारपीट और लाठीचार्ज किया। वाटर कैनन की चपेट में आने से एक छात्र के घायल होने की भी जानकारी है। हालांकि, पुलिस की ओर से लाठीचार्ज के आरोपों पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

प्रदर्शन के दौरान कुछ इंटर्न डॉक्टरों ने हमीदिया अस्पताल के गेट और बैरिकेड तोड़कर बाहर निकलने का प्रयास किया। इसके बाद वे फतेहगढ़ और मोती मस्जिद चौराहे की ओर पहुंचे। प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा और सड़कों पर वाहनों की कतार लग गई।

इंटर्न डॉक्टर मोहित मिश्रा ने कहा कि उत्तरप्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने का आदेश जारी हो चुका है। ऐसे में मध्यप्रदेश में भी स्टाइपेंड बढ़ाने का निर्णय लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब दो हजार शासकीय इंटर्न डॉक्टर हैं, जबकि कुल इंटर्न डॉक्टरों की संख्या करीब 3,600 है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांग रखना चाहते हैं और जब तक स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है। बाद में पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत के बाद सड़क का एक हिस्सा खाली कराया गया, जिससे यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित