हरिद्वार , जुलाई 24 -- उत्तराखंड के हरिद्वार में विद्यालयी बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने लगातार तीसरे दिन भी स्कूल वाहनों के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया।
शुक्रवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) निखिल शर्मा के नेतृत्व में जिले के विभिन्न विद्यालयों में संचालित बसों एवं अन्य स्कूली वाहनों का सघन निरीक्षण किया गया।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, चालक के ड्राइविंग लाइसेंस, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, महिला परिचारिका की उपलब्धता, आपातकालीन निकास, तकनीकी स्थिति सहित सभी अनिवार्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की। निरीक्षण में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 65 विद्यालय वाहनों के चालान किए गए।
जांच के दौरान दो विद्यालय बसें बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के संचालित होती मिलीं, जबकि एक बस बिना पंजीकरण के सड़क पर दौड़ती पाई गई। इन तीनों वाहनों को तत्काल सीज कर दिया गया। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रबंधन और वाहन चालकों को निर्देश दिए गए कि सभी सुरक्षा उपकरण हर समय कार्यशील स्थिति में रखें तथा विद्यालय वाहनों के संचालन से संबंधित सभी वैधानिक और सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें, जिससे विद्यार्थियों का आवागमन सुरक्षित बना रहे।
विशेष अभियान में परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी, परिवहन कर अधिकारी मुकेश भारती तथा परिवहन उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार भी मौजूद रहे। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विद्यालय वाहनों की नियमित जांच का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि जनपद में संचालित प्रत्येक स्कूल वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित हो और विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे।
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