जौनपुर , जुलाई 25 -- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने स्कूलों और कॉलेजों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।

जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. के निर्देश पर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एन-कार्ड की जिला स्तरीय समिति की मासिक बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा ने की।

बैठक में अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी मेडिकल स्टोरों पर साइकोट्रॉपिक दवाओं की बिक्री केवल चिकित्सक के वैध परामर्श-पत्र पर ही सुनिश्चित की जाए तथा ऐसी दवाओं के स्टॉक का पूरा विवरण निर्धारित पंजिका में नियमित रूप से दर्ज किया जाए।

उन्होंने सार्वजनिक एवं सुनसान स्थानों पर पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश देते हुए अस्पतालों, विद्यालयों तथा रेलवे एवं बस स्टेशनों के आसपास पान मसाला, गुटखा और दोहरा बेचने वाली दुकानों की सघन जांच कराने को कहा। साथ ही स्कूलों के आसपास किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया।

बैठक में नशे की लत से प्रभावित लोगों के उपचार, नशामुक्ति और पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा निर्णय लिया गया कि 18 अगस्त को जिले के सभी स्कूलों एवं महाविद्यालयों में "नेशनल प्लेज अगेंस्ट ड्रग्स" कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी और उन्हें मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

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