मुंबई , अगस्त 11 -- शिवसेना (यूबीटी) नेता एवं विधायक आदित्य ठाकरे ने विद्यार्थियों को वर्दी या किताबें न मिलने तथा स्कूली सामान की आपूर्ति में देरी को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि शैक्षणिक वर्ष के दो महीने बीत जाने के बाद भी विद्यार्थियों को वर्दी, किताबें और अन्य स्कूली सामान की आपूर्ति अभी तक नहीं हो पायी है।
श्री आदित्य ने सरकार पर प्रशासनिक विफलता, सार्वजनिक भूमि के अनियंत्रित निजीकरण तथा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विद्यालय जून में खुले थे और अब अगस्त का महीना चल रहा है। छात्र अभी भी बिना वर्दी, नोटबुक, किताबों, छाते या स्टेशनरी के कक्षाओं में आ रहे हैं।
उन्होंने इमारत बनाने वाले निजी विकासकर्ताओं को सौंपने के लिए विद्यालय के भूखंडों से संबंधित नियम बदलने का सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि मुंबई में 16 एकड़ खुली जगह को मुख्यमंत्री की नाक के नीचे कथित तौर पर फुटबॉल मैदान के लिए मुफ्त में दे दिया गया। उन्होंने विद्यार्थियों के शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों पर लाठीचार्ज की निंदा की और सवाल किया कि क्या केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह "वर्क फ्रॉम होम" कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि झारखंड से वायरल हुए वीडियो में पत्थरबाजों के बीच भाजपा के झंडे दिखाई दे रहे थे।
भाजपा नेता आशीष शेलार की टिप्पणियों को खारिज करते हुए श्री आदित्य ने कहा कि जिनकी अपनी पार्टी में कोई साख नहीं बची है और जिनके पास कोई काम नहीं बचा है, उन्हें "थैरेपी" की जरूरत है।
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