भोपाल , मई 21 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्कूली शिक्षा में कक्षा 8 से 12 तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कौशल को शामिल करने के लिए कार्य योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने तथा सभी स्कूलों में बाउंड्री वॉल निर्माण के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एक जुलाई से पहले पूरी कर ली जाए तथा 16 जून से शुरू हो रहे नए शैक्षणिक सत्र से पूर्व सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी आंशिक जर्जर शालाओं की तत्काल मरम्मत कराई जाए और सभी स्कूलों में बाउंड्री वॉल बनाई जाए। उन्होंने एक जुलाई से गुरु पूर्णिमा तक "शिक्षक वंदना कार्यक्रम" आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य और गुरु सांदीपनि के जीवन पर आधारित सामग्री विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाए। साथ ही हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्तर पर कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाली शालाओं के शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की 26 शालाओं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। मुख्यमंत्री ने 90 और 95 प्रतिशत से अधिक परिणाम देने वाली शालाओं को भी सम्मानित करने की बात कही।
बैठक में "शिक्षा घर योजना" के प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति दी गई। इस योजना के तहत पढ़ाई बीच में छोड़ चुके किशोर-किशोरियों एवं युवाओं को हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण करने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का संचालन मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा किया जाएगा। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 में शासकीय स्कूलों में कक्षा-1 के नामांकन में 32.4 प्रतिशत तथा कक्षा 9 से 12 तक के नामांकन में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
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