वाराणसी , मई 13 -- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत वाराणसी ने रूफटॉप सोलर पैनल स्थापना में देशभर में दसवां स्थान हासिल किया है। जिले में अब तक 39,018 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बुधवार को बताया कि योजना के तहत जिले में कुल 62,964 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 39,018 इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं को मिलाकर जिले में अब तक 1,32,096.31 किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि वाराणसी कई महीनों से लखनऊ के बाद प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी जिलों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना वाराणसी में विकास, बचत, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। उन्होंने इसे मोदी-योगी सरकार की दूरदर्शी नीति और प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम बताया।

यूपीनेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी शशि गुप्ता ने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 33,332 उपभोक्ताओं को 251.49 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि घरों की छतों पर सोलर पैनल लगने से उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भारी कमी आई है और कई परिवार लगभग मुफ्त बिजली का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वाराणसी में स्थापित सौर संयंत्रों से प्रतिदिन करीब 6,60,482 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे प्रतिदिन लगभग 39.6 लाख रुपये की बचत हो रही है। यह बचत वार्षिक स्तर पर लगभग 144.65 करोड़ रुपये तक पहुंच रही है।

परियोजना अधिकारी के अनुसार योजना पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 1.58 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है, जिससे वाराणसी को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त शहर बनाने में सहायता मिल रही है।

उन्होंने बताया कि रूफटॉप सोलर मॉडल के कारण अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता कम हुई है, जिससे लगभग 660 एकड़ कृषि भूमि के संरक्षण का लाभ मिला है। रोजगार के क्षेत्र में भी योजना ने नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। जिले में वर्तमान में 310 वेंडर सक्रिय हैं तथा लगभग 30 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और करीब तीन लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। सोलर उपकरण, इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस, परिवहन और तकनीकी सेवाओं से जुड़े हजारों युवाओं को इससे रोजगार प्राप्त हुआ है।

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