नयी दिल्ली , अप्रैल 16 -- भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ( सीसीआई) ने सोलर एनर्जी कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया ( एसआईसीआई) की निविदा संबंधी मामले में अदानी समूह की कंपनियां अदानी एंटरप्राइजेज तथा अदानी ग्रीन एनर्जी और अन्य के विरुद्ध आरोपी को निरस्त कर दिया है।
सीसीआई ने गुरुवार को 19 पृष्ठ के अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्ट्या इस मामले में प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघन का कोई मामला नहीं बनता है। प्रतिस्पर्धा आयोग ने कहा कि इस मामले में आरोपी की जांच की कोई आवश्यकता नहीं दिखी है ।
आयोग के सामने शिकायत की गई थी कि एसआईसीआई ने सौर विनिर्माण से जुड़ी बिजली परियोजनाओं की निविदाओं को इस तरह तय किया था कि उनसे अदानी समूह की कंपनियों सहित कुछ बड़े ठेकेदारों को फायदा हो। आरोप था इसके कारण सौर बिजली परियोजनाओं के आवंटन में प्रतिस्पर्धा का वातावरण बिगड़ गया था।
प्रतिस्पर्धा आयोग ने अपने फैसले में कहा कि परियोजनाओं के संबंध में चयन के लिए आवेदन (आर एफ एस) के जिन प्रारूपों को लेकर शिकायत की गयी है, वे सामान्य प्रकार के दस्तावेज हैं। आयोग ने कहा कि उसके विश्लेषण में आरोपी के संबंध में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका है। फैसले में कहा गया है कि आयोग के सामने शिकायत करने वाले व्यक्ति ने ऐसा कोई साक्ष्य नहीं दिया है जिससे यह सिद्ध किया जा सके कि प्रतिवादियों में से एक अज़र पावर इंडिया लिमिटेड ने अदानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के साथ-साथ गांठ में निविदा भरी थी।
प्रतिस्पर्धा आयोग ने कहा है कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी-बड़ी कंपनियां हैं, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि अडानी समूह का इस क्षेत्र पर वर्चस्व है।
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