जयपुर , जून 18 -- राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा है कि राजस्थान से सौर पैनल उत्पादकों का मोहभंग होना बेहद चिंताजनक है जो राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए एक बड़ा झटका है।
श्री जूली ने गुरुवार को अपने बयान में राज्य सरकार को सचेत करते हुए कहा कि यदि समय रहते सौर पैनल उत्पादकों को उचित प्रोत्साहन और अनुकूल माहौल नहीं दिया गया, तो राजस्थान बड़े निवेश और रोजगार के अवसर से हाथ धो बैठेगा।
उन्होंने रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि सौर पैनल निर्माता अब राजस्थान के बजाय अन्य राज्यों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत के दिग्गजों का मानना है कि सोलर मैन्युफैक्चरिंग को लेकर राज्य सरकार की परिभाषा केंद्र सरकार के मानकों से मेल नहीं खाती है, जिससे उद्योग जगत और निवेशकों के बीच असमंजस और भ्रम का माहौल पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि जो कंपनियां पहले राजस्थान में निवेश करने के लिए उत्सुक थीं, वे अब गुजरात, मध्यप्रदेश, पंजाब, तेलंगाना और ओडिशा जैसे राज्यों का रुख कर रही हैं और अपनी यूनिट्स वहां स्थापित कर रही हैं।
श्री जूली ने मांग की कि सरकार को अपनी नीतियों को केवल बिजली उत्पादन तक सीमित न रखकर इसे पूरी तरह रोजगारोन्मुख बनाना होगा ताकि हमारे स्थानीय युवाओं को नौकरियों के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बड़े-बड़े निवेश सम्मेलन आयोजित करना और एमओयू साइन करना एक अच्छी बात हो सकती है लेकिन सिर्फ कागजी दावों से निवेश धरातल पर नहीं उतरता। सरकार को कार्यक्रम से बाहर निकलकर उद्योग जगत की वास्तविक समस्याओं और उनके सुझावों को सुनना होगा।
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