तिरुवनंतपुरम , सितंबर 23 -- केरल साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया पर शेयर कारोबार करने वाली प्रमुख कंपनियों के नाम का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर फर्जी निवेश योजनाएं चलाने वाले संगठित गिरोहों को लेकर लोगों को आगाह किया है। ये गिरोह ऐसा माहौल बनाते हैं कि शेयर बाजार में निवेश कर लोग भारी मुनाफा कमा सकते हैं।
ये ठग शेयर बाजार की प्रमुख हस्तियों और नामी कंपनियों के प्रमुखों के कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बनाए गए वीडियो तैयार कर उन्हें फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों पर विज्ञापनों के रूप में प्रसारित करते हैं। इन विज्ञापनों में शेयरों में निवेश से भारी मुनाफे का लालच दिया जाता है और फर्जी योजनाओं को वास्तविक और भरोसेमंद दिखाने की कोशिश की जाती है।
इन विज्ञापनों में रुचि दिखाने वाले लोग जब दिए गए लिंक पर क्लिक करते हैं तो उन्हें शेयर कारोबार में प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देने के नाम पर व्हाट्सऐप और टेलीग्राम समूहों में जोड़ा जाता है। इसके बाद ठग प्रमुख शेयर कारोबार करने वाली कंपनियों की वास्तविक वेबसाइट और मोबाइल ऐप जैसे दिखने वाले फर्जी ऐप और वेबसाइट के लिंक समूहों में भेजते हैं और लोगों से उन्हें डाउनलोड करने के लिए कहते हैं।
इन फर्जी ऐप और वेबसाइट पर खाता खोलने के बाद निवेशकों से चरणबद्ध तरीके से पैसे जमा कराए जाते हैं। शुरुआत में ठग निवेशकों को उनके खातों से छोटी रकम निकालने की अनुमति देते हैं, ताकि मंच की विश्वसनीयता स्थापित हो और उनका भरोसा जीता जा सके।
भरोसा हासिल करने के बाद ठग भारी छूट पर शेयर उपलब्ध कराने का दावा करते हुए निवेशकों को बड़ी रकम लगाने के लिए प्रेरित करते हैं। कम कीमत पर शेयर खरीदकर बड़ा मुनाफा कमाने की उम्मीद में निवेशक अक्सर ठगों द्वारा बताए गए खातों में लाखों रुपये जमा कर देते हैं।
बड़ी रकम मिलने के बाद ठग निवेशकों को कथित रूप से खरीदे गए शेयर बेचने की अनुमति नहीं देते। इसके बजाय वे शेयरों को लंबे समय तक रखने की बात कहकर निवेशकों को उनकी रकम तक पहुंचने से रोकते हैं।
बाद में जब निवेशक अपने खातों में दिखाई जा रही रकम निकालने की कोशिश करते हैं तो ठग प्रसंस्करण शुल्क, कर और अन्य शुल्क के नाम पर उनसे फिर बड़ी रकम मांगते हैं। पीड़ितों द्वारा यह अतिरिक्त रकम जमा करने के बाद भी उन्हें उनका पैसा वापस नहीं मिलता। जब अतिरिक्त भुगतान की बार-बार मांग के बावजूद रकम वापस नहीं मिलती, तब कई पीड़ितों को पता चलता है कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।
साइबर पुलिस और वित्तीय विशेषज्ञों ने लोगों से ऐसे फर्जी वादों के झांसे में नहीं आने तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित निवेश संबंधी विज्ञापनों की स्वतंत्र रूप से सत्यता जांचे बिना उन पर भरोसा नहीं करने की अपील की है। लोगों को अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करने और अपुष्ट स्रोतों से शेयर कारोबार से जुड़े ऐप डाउनलोड नहीं करने की भी सलाह दी गई है।
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