चंडीगढ़ , मई 06 -- पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बुधवार को कहा कि राज्य पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग को नया आयाम देते हुए 'युवा सांझ' कार्यक्रम के तहत जोखिम वाले युवाओं तक पहुंच बढ़ाई है। यह पहल संगठित अपराध के खिलाफ चलाये जा रहे ऑपरेशन 'गैंग्स्टरां ते वार' के साथ-साथ निवारक रणनीति के रूप में चलाई जा रही है।
पंजाब पुलिस द्वारा जनवरी से अब तक विशेष पुलिस महानिदेशक (कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन) गुरप्रीत कौर देओ की अध्यक्षता में कई बैठकें की गयी हैं, जिनमें अधिकारियों और समाज के विभिन्न वर्गों को कार्यक्रम के क्रियान्वयन को लेकर जागरूक किया गया।
यह कार्यक्रम युवाओं को कट्टरता, हथियार संस्कृति, नशे और गैंगस्टर प्रभाव से दूर रखने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। पिछले चार महीनों में पांच बड़े संवाद कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं, जबकि अगले आठ महीनों में 11 और कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया विश्लेषण के माध्यम से अब तक 2,358 संवेदनशील युवाओं की पहचान की है। इनमें से 1,519 युवाओं की प्रोफाइल राज्य स्तरीय 'युवा सांझ सॉफ्टवेयर' पर तैयार की गयी हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस दोहरी रणनीति पर काम कर रही है, एक तरफ 'गैंग्स्टरां ते वार' के तहत सख्त कार्रवाई और दूसरी ओर 'युवा सांझ' के जरिए निरंतर सामाजिक जुड़ाव। मनोवैज्ञानिक प्रोफाइलिंग, संरचित काउंसलिंग और परिवार की भागीदारी इस पहल की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में अधिक हस्तक्षेप की जरूरत होती है, उन्हें सब-डिवीजनल कम्युनिटी सेंटर भेजा जाता है, ताकि निरंतर देखभाल और मार्गदर्शन मिल सके। हमारा उद्देश्य अपराध नेटवर्क तोड़ना और युवाओं को उसमें शामिल होने से बचाना है।
अब तक 1,490 युवाओं को जागरूक किया गया है, जबकि 1,109 युवाओं ने काउंसलिंग सत्रों में हिस्सा लिया। कुल 1,836 युवाओं को जिला खुफिया इकाइयों द्वारा काउंसलिंग के दायरे में लाया गया, जबकि 522 युवाओं की पहचान जिला टीमों ने स्वतंत्र रूप से की।
एसडीजीपी गुरप्रीत कौर देओ ने कहा कि जहां 'गैंग्स्टरां ते वार' अपराध गिरोहों को खत्म करने का अभियान है, वहीं 'युवा सांझ' समय रहते संवेदनशील युवाओं की पहचान कर उन्हें सकारात्मक दिशा देने की पहल है। जरूरत पड़ने पर सख्ती और समय पर सहानुभूतिपूर्ण हस्तक्षेप, दोनों इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं। पुनर्वास के लिए पुलिस, जिला प्रशासन, पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन और सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर युवाओं को कौशल विकास, रोजगार सहायता और जरूरत पड़ने पर आर्थिक सहयोग भी दिया जा रहा है। फाजिल्का के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुरमीत सिंह ने कहा कि यह पहल न केवल अपराध दर कम करने में मददगार साबित हुई है, बल्कि युवाओं को असामाजिक तत्वों के प्रभाव से बचाने में भी सफल रही है। उन्होंने कहा कि यह देश में किसी भी राज्य पुलिस की ओर से अपनी तरह की अनोखी पहल है।
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