रायपुर , जुलाई 04 -- छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर केंद्रित राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल हुए। कार्यशाला में पंचायतों के वित्तीय सशक्तिकरण, ग्रामीण स्थानीय निकायों को संसाधनों के आवंटन तथा आयोग की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विभिन्न राज्यों के मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और नीति-निर्माताओं ने विचार-विमर्श किया।
शनिवार को जारी सरकारी विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार कार्यशाला में स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता, बेहतर सेवा प्रदायगी, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष चर्चा हुई। श्री शर्मा ने विभिन्न तकनीकी सत्रों में भाग लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर प्रस्तुतियों और चर्चाओं का अवलोकन किया।
कार्यशाला में 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए प्रस्तावित अनुदान की जानकारी भी साझा की गई। इसके अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 के दौरान छत्तीसगढ़ को कुल 11,664 करोड़ रुपये का अनुदान प्रस्तावित है। इसमें 9,331 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट तथा 2,333 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट शामिल हैं। ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अंतर-राज्यीय अनुदान वितरण में राज्य की हिस्सेदारी 2.68 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
वर्षवार प्रस्तावित आवंटन के अनुसार 2026-27 में 1,498 करोड़ रुपये मूल अनुदान, 2027-28 में 1,663 करोड़ रुपये मूल अनुदान एवं 248 करोड़ रुपये प्रदर्शन आधारित अनुदान, 2028-29 में 1,846 करोड़ रुपये मूल अनुदान एवं 624 करोड़ रुपये प्रदर्शन आधारित अनुदान, 2029-30 में 2,049 करोड़ रुपये मूल अनुदान एवं 693 करोड़ रुपये प्रदर्शन आधारित अनुदान तथा 2030-31 में 2,275 करोड़ रुपये मूल अनुदान एवं 768 करोड़ रुपये प्रदर्शन आधारित अनुदान का प्रावधान किया गया है।
बताया गया कि यह अनुदान ग्राम पंचायतों एवं अन्य ग्रामीण स्थानीय निकायों के माध्यम से आधारभूत अधोसंरचना के विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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