सहारनपुर , अप्रैल 18 -- केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश संस्कृति एवं पर्यटन निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में गुजरात स्थित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में 19 से 24 अप्रैल तक आयोजित होने वाले सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के लिए सहारनपुर जिला स्तरीय दल शनिवार को लखनऊ के लिए रवाना हो गया। यह आयोजन सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष तथा मंदिर के पुनरुद्धार के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। जिलाधिकारी मनीष बंसल तथा मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन ने तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी मंगलमय यात्रा की कामना की।

जिला स्तरीय दल 19 अप्रैल को लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सहभागिता करेगा, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह राज्यभर से आए तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देंगे और सोमनाथ के लिए विशेष ट्रेन यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे।

कार्यक्रम के अंतर्गत तीर्थयात्री प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक, आरती दर्शन तथा अन्य धार्मिक आयोजनों में भाग लेंगे। इसके अलावा सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार पर आधारित लाइट एंड साउंड शो, सोमनाथ संग्रहालय भ्रमण तथा सोमनाथ बीच पर त्रिवेणी संगम आरती भी कार्यक्रम का हिस्सा होगी।

सहारनपुर से चयनित 10 सदस्यीय दल में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को शामिल किया गया है। इनमें श्रीमती रूबी (शॉपकीपर), श्रीमती पूनम शर्मा (ग्राम प्रधान), राकेश कुमार (वालंटियर), श्रीमती अनीता (वरिष्ठजन), सचिन कुमार पाल (ग्राम पंचायत सचिव), संजय वालिया (ग्राम प्रधान), अंबरीश शास्त्री (संयोजक, जिला विज्ञान क्लब), घनश्याम प्रजापति (आध्यात्मिक समिति सदस्य), टीनू (ग्राम प्रधान) तथा सोमपाल सिंह (सफाई कर्मी, विकासखंड ननौता) शामिल हैं।

दल का नेतृत्व अपर जिला पंचायत राज अधिकारी अमित त्यागी नोडल अधिकारी के रूप में कर रहे हैं, जो पूरी यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के साथ रहेंगे।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से यह यात्रा पूर्णतः निःशुल्क एवं सर्वसुविधायुक्त रखी गई है। तीर्थयात्रियों के लिए एसी बस, थर्ड एसी ट्रेन टिकट, भोजन, पेयजल तथा स्वास्थ्य किट की व्यवस्था की गई है। प्रस्थान कार्यक्रम के दौरान नोडल अधिकारी अमित त्यागी, कुणाल वर्मा (सीएम फेलो) तथा क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित