मुंबई , अगस्त 04 -- सोनी सब के कलाकारों ने अपने शहरों की बारिश और मुंबई के मानसून से जुड़ी अपनी खास यादें साझा कीं।शो 'यादें' में डॉ. देव मेहता का किरदार निभा रहे इक़बाल खान ने बताया कि कश्मीर की बारिश मुंबई से बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में बारिश हल्की, शांत और खूबसूरत लगती है, जहां पहाड़ और भी मनमोहक हो जाते हैं, जबकि मुंबई का मानसून नाटकीय और अनिश्चित होने के बावजूद शहर की रफ्तार को नहीं रोकता।
'यादें' में डॉ. रौनक भाटिया की भूमिका निभा रहे देविश आहूजा ने सूरत की बारिश से जुड़ी अपनी यादें साझा करते हुए कहा कि बचपन में तेज बारिश का मतलब अक्सर स्कूल की छुट्टी हुआ करता था। परिवार के साथ चाय, पकौड़े और घर के बने पराठों का आनंद लेना उनकी खास यादों में शामिल है। उन्होंने कहा कि मुंबई ने उन्हें सिखाया कि बारिश कितनी भी तेज हो, जिंदगी आगे बढ़ती रहती है।
सोनी सब के लोकप्रिय शो 'पुष्पा इम्पॉसिबल' में शनाया का किरदार निभा रहीं मुस्कान बामने ने इटारसी की बारिश को याद करते हुए कहा कि वहां मानसून का मतलब परिवार के साथ समय बिताना, भीगी मिट्टी की खुशबू और घर के स्वादिष्ट स्नैक्स होते थे। उन्होंने कहा कि मुंबई की बारिश का अपना अलग अंदाज है, जहां लोगों ने मौसम के साथ चलना सीख लिया है।
'हस्तिनापुर के वीर' में भीष्म पितामह की भूमिका निभा रहे मनीष वाधवा ने अंबाला की बारिश को याद करते हुए कहा कि वहां पहली बारिश के साथ मौसम सुहाना हो जाता था और परिवार के साथ चाय-पकौड़ों का आनंद लेने का मौका मिलता था। उन्होंने कहा कि मुंबई की बारिश तेज जरूर है, लेकिन इस शहर की ऊर्जा और जज्बा इसे खास बनाता है।
वहीं, 'यादें' में डॉ. अनन्या का किरदार निभा रहीं ख्याति व्यास ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में कई शहरों में मानसून का अनुभव किया है। उन्होंने असम की भारी बारिश, गुजरात की हल्की बारिश और राजस्थान की कम बारिश को याद करते हुए कहा कि हर जगह के मौसम की अपनी खूबसूरती होती है।
सोनी सब के कलाकारों ने माना कि चाहे अपने शहर की शांत बारिश हो या मुंबई का तेज और जोशीला मानसून, हर जगह की बारिश अपने साथ अलग अनुभव और यादें लेकर आती है।
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