बैतूल , मई 19 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के सोनाघाटी क्षेत्र में अवैध मुरूम उत्खनन के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी पर 32 लाख 25 हजार रुपये की शास्ति अधिरोपित की है। साथ ही अवैध उत्खनन में उपयोग की गई पोकलेन मशीन को शासन के पक्ष में राजसात करने के आदेश दिए गए हैं।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई अपर कलेक्टर न्यायालय बैतूल द्वारा की गई। न्यायालय ने मध्य प्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत आरोपी शेख निजाम निवासी टिकारी को दोषी मानते हुए यह दंड अधिरोपित किया।

प्रकरण के अनुसार 15 जनवरी 2025 की रात लगभग ढाई बजे बैतूल कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि मौजा सोनाघाटी के खसरा क्रमांक 105/5 में अवैध रूप से मुरूम का उत्खनन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस दल मौके पर पहुंचा, जहां एक चेन माउंटेड पोकलेन मशीन से मुरूम निकालते हुए पाया गया।

पुलिस ने मशीन जब्त कर थाना ले जाने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान दो खाली डंपर, जिनके पंजीयन क्रमांक एमपी 48 एच 5560 और एमएच 27 एक्स 0801 थे, उत्खनन स्थल की ओर जाते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों वाहनों के चालक डंपर छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों डंपरों को भी जब्त कर थाना परिसर में खड़ा कराया।

अगले दिन सहायक खनि अधिकारी और विभागीय टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। गड्ढों की नापजोख के आधार पर कुल 3465 घनमीटर मुरूम का अवैध उत्खनन पाया गया। जांच के दौरान पोकलेन मशीन के ऑपरेटर अज्जू फरकाड़े ने बयान दिया कि मशीन शेख निजाम की है और उनके निर्देश पर रात के समय मुरूम निकालकर डंपरों से परिवहन किया जाता था।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उपलब्ध दस्तावेजों, पुलिस कार्रवाई और गवाहों के बयान के आधार पर अवैध उत्खनन को प्रमाणित माना। हालांकि दोनों डंपर खाली अवस्था में जब्त किए गए थे, इसलिए उनके खिलाफ अवैध परिवहन में संलिप्तता सिद्ध नहीं मानी गई।

अपर कलेक्टर वंदना जाट ने आदेश में कहा कि अवैध खनन प्राकृतिक संसाधनों की क्षति के साथ-साथ शासन को राजस्व हानि पहुंचाता है। उन्होंने उप संचालक खनिज प्रशासन बैतूल को निर्देश दिए कि राजसात की गई पोकलेन मशीन का पारदर्शी तरीके से निस्तारण किया जाए तथा आरोपी से निर्धारित शास्ति राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए।

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