इटावा , फरवरी 26 -- उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के स्थापना दिवस समारोह में समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार की कथित अनदेखी को लेकर सपा ने कड़ा विरोध जताया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। सिविल लाइन स्थित सपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य और प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने संयुक्त रूप से विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने संबोधन में 'नेताजी' मुलायम सिंह यादव का नाम तक नहीं लिया, जबकि विश्वविद्यालय की स्थापना उनके कार्यकाल में हुई थी।

सपा नेताओं का कहना है कि कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह यादव और मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव को आमंत्रित नहीं किया गया। आरोप है कि प्रोफाइल फिल्म में भी नेताजी की तस्वीर शामिल नहीं की गई।

जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य ने कहा कि मुलायम सिंह यादव तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और दो बार देश के रक्षा मंत्री रहे तथा उन्हें केंद्र सरकार द्वारा पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है। ऐसे में स्थापना दिवस समारोह में उनका उल्लेख न होना अपमानजनक है।

प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने इसे भारतीय जनता पार्टी की "छोटी सोच" करार देते हुए कहा कि इस तरह के कृत्य से नेताजी का कद कम नहीं हो सकता, लेकिन इससे इटावा जनपद और प्रदेश की जनता में नाराजगी है। सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि विश्वविद्यालय प्रबंधन की कथित कार्यप्रणाली के विरोध में पार्टी कार्यकर्ता जनजागरण अभियान चलाएंगे और मामले को व्यापक स्तर पर उठाएंगे।

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