गाजीपुर , मार्च 23 -- उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले की जमानिया तहसील क्षेत्र के कस्बा बाजार निवासी कैप्टन प्रशांत चौरसिया (25) ने देहरादून में सैन्य अभ्यास के दौरान अपने एक साथी जवान की जान बचाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। इस घटना से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों के अनुसार 20 मार्च को देहरादून में भैरवी बटालियन के आर्म्स एक्सरसाइज के तहत नदी पार करने का अभ्यास चल रहा था। इसी दौरान एक जवान तेज बहाव में फंस गया। कैप्टन प्रशांत ने बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में छलांग लगाकर साथी जवान को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन स्वयं बहाव में बहते हुए एक पत्थर से टकरा गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां दो दिनों तक जीवन और मृत्यु से संघर्ष करने के बाद 22 मार्च की सुबह उनका निधन हो गया।
कैप्टन प्रशांत अपने माता-पिता पुरुषोत्तम चौरसिया और सुमन देवी की तीन संतानों में मंझले थे। उनकी बड़ी बहन सोनाली की हाल ही में शादी हुई है, जबकि छोटा भाई मयंक परिवार के पान के थोक व्यवसाय में सहयोग करता है। बेटे की शहादत की खबर मिलते ही मां बेसुध हो गईं और घर पर शोक का माहौल छा गया।
शहीद का पार्थिव शरीर दोपहर करीब 1:30 बजे उनके पैतृक आवास पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। नगर के बलुआ घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके छोटे भाई मयंक चौरसिया ने दी। अंतिम यात्रा में भूतपूर्व सैनिक संगठन के सदस्य और हजारों की संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। जमानिया विधायक ओम प्रकाश सिंह के प्रतिनिधि मन्नू सिंह ने भी पहुंचकर शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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