बैतूल , अक्टूबर 01 -- मध्यप्रदेश में बैतूल कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार एवं सेवा मेरा योगदान की तैयारियों की वर्चुअल समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ शिविरों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने कहा कि 03 अक्टूबर को विकासखंड स्तर तथा 04 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्रों में सेवा सेतु शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने शिविरों का ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। इसके लिए गांवों में मुनादी कराने और ग्राम पंचायतों के माध्यम से नागरिकों को योजनाओं, सेवाओं एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने को कहा गया।

उन्होंने एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को अभियान से जुड़ी योजनाओं के संभावित हितग्राहियों की सूची पहले से तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पात्र हितग्राहियों को शिविर में ही योजनाओं का लाभ दिलाने की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।

शिविरों में स्वास्थ्य परीक्षण और आयुष्मान कार्ड बनाने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच कराने को भी कहा गया। नामांतरण, बंटवारा, आधार सहित अन्य आवेदनों का तत्परता से निराकरण करने के निर्देश दिए गए।

कृषि विभाग को किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड वितरण और विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए प्रेरित करने को कहा गया। खाद्य विभाग को पात्र हितग्राहियों की खाद्यान्न पात्रता पर्ची के लिए सूची तैयार करने तथा सामाजिक न्याय विभाग को पात्र दिव्यांग एवं जरूरतमंद लोगों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने नेत्र जांच शिविर, पौधारोपण, सैनिकों एवं उनके अभिभावकों के सम्मान तथा विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री वितरण की तैयारियों की भी समीक्षा की। पौधारोपण के लिए ऐसे स्थान का चयन करने को कहा गया, जहां पौधों के लिए पानी उपलब्ध हो। उन्होंने 09 अक्टूबर को प्रस्तावित मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर की तैयारियों की भी समीक्षा की।

इधर, ग्रामीण क्षेत्रों में सोयाबीन की कटाई का दौर शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में मजदूर दूसरे क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब पांच दिनों से महाराष्ट्र के अलावा नर्मदापुरम, हरदा, विदिशा और रायसेन सहित अन्य क्षेत्रों में फसल कटाई के लिए मजदूरों का पलायन जारी है।

इसके चलते कई गांवों में दिन के समय ग्रामीण आबादी काफी कम दिखाई दे रही है। गांवों में मुख्य रूप से स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं और बुजुर्गों की मौजूदगी नजर आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर मजदूरों की उपलब्धता कम होने से सोयाबीन कटाई के काम पर भी इसका असर पड़ रहा है।

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