नयी दिल्ली , अक्टूबर 05 -- भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में उत्पादन का नया कीर्तिमान बनाया और विक्रय तथा दक्षता के मानकों पर भी नयी ऊंचाइयां हासिल की।
कंपनी ने बताया कि हॉट मेटल, क्रूड स्टील और तैयार स्टील के उत्पादन में उसने अब तक की किसी भी छमाही का रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान हॉट स्टील का उत्पादन 102 लाख टन, क्रूड स्टील का 96 लाख टन और तैयार स्टील का 839 लाख टन दर्ज किया गया। एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में इनमें क्रमशः दो प्रतिशत, एक प्रतिशत और एक प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। साथ ही बिक्री के लिए उपलब्ध कुल इस्पात उत्पादन में तैयार स्टील उत्पादन की हिस्सेदारी बढ़कर 89.2 प्रतिशत हो गयी, जो अप्रैल-सितंबर 2025 में 86.8 प्रतिशत थी।
बिक्री से प्राप्त शुद्ध आय बढ़ाने वाले उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कंपनी ने अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान सालाना आधार पर 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ लगभग 20 लाख टन हाई-एंड इस्पात उत्पादन किया है। कंपनी ने लौह अयस्क उत्पादन और लौह अयस्क विक्रय दोनों में ही अप्रैल-सितंबर के दौरान अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। जहां लौह अयस्क उत्पादन में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई, वहीं इसी अवधि के दौरान लौह अयस्क विक्रय 190 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ 26.71 लाख टन हो गया। इस अवधि के दौरान, भारतीय रेलवे को लॉन्ग रेल्स और व्हील्स एंड एक्सेल की आपूर्ति में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में क्रमशः सात प्रतिशत और तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी ने इन्वेंट्री में लगभग 0.45 लाख टन की कमी की और इस अवधि के दौरान लगभग 1,080 करोड़ रुपये की उधारी कम की।
कंपनी ने सितंबर में कुल 16.9 लाख टन इस्पात की बिक्री की जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में चार प्रतिशत अधिक है। कंपनी के विशिष्ट खुदरा ब्रांडेड उत्पाद सेल एसईक्यूआर टीएमटी बार ने 1.5 लाख टन से अधिक की अपनी उच्चतम बिक्री दर्ज की।
कंपनी के कुल विक्रेय इस्पात उत्पादन में सितंबर में तैयार स्टील उत्पादन का प्रतिशत बढ़कर 92 फीसदी हो गया। यह सितंबर 2025 में 89 फीसदी था। सितंबर 2025 की तुलना में लौह अयस्क उत्पादन में आठ प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि लौह अयस्क बिक्री 134 प्रतिशत की भारी वृद्धि के साथ 4.92 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गयी। कंपनी ने इस महीने के दौरान लगभग 1.92 लाख टन इन्वेंट्री में कमी और उधारी में लगभग 208 करोड़ रुपये की कमी की।
छमाही और सितंबर की बिक्री पर टिप्पणी करते हुए सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ए.के. पंडा ने कहा, "वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही और सितंबर में ये रिकॉर्ड उपलब्धियां; दक्षता, नवाचार और टिकाऊ विकास के प्रति हमारे कार्यबल की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
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