बैतूल , जून 11 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के मुलताई नगर में एक निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की मृत्यु हो गई, जबकि उन्हें बचाने का प्रयास करने वाला एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से बीमार हो गया। घायल मजदूर को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार घटना मुलताई के भगत सिंह वार्ड स्थित एक निर्माणाधीन मकान में बुधवार शाम हुई। यहां सेप्टिक टैंक की सेंट्रिंग प्लेट निकालने का कार्य किया जा रहा था। ग्राम डिवटिया निवासी विजय पंवार (38) और उनके छोटे भाई संजय पंवार (30) मजदूरी का काम कर रहे थे।
बताया गया है कि शाम करीब छह बजे संजय पंवार टैंक के भीतर सेंट्रिंग खोलने के लिए उतरे थे। काफी देर तक उनके बाहर नहीं आने पर बड़े भाई विजय पंवार उन्हें देखने और बाहर निकालने के लिए टैंक में उतर गए। इसके बाद भी दोनों बाहर नहीं आए।
दोनों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर तीसरे मजदूर मुकेश परिहार टैंक के भीतर पहुंचे, जहां उन्होंने दोनों भाइयों को बेहोश अवस्था में पड़ा देखा। उन्होंने तत्काल शोर मचाकर आसपास के लोगों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा तीनों मजदूरों को बाहर निकालकर मुलताई अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने विजय पंवार और संजय पंवार को मृत घोषित कर दिया, जबकि मुकेश परिहार की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम राजीव कहार, एसडीओपी एस.के. सिंह, थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह परिहार सहित अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक करीब एक माह से बंद पड़ा था, जिसके कारण उसमें जहरीली गैस जमा हो गई थी। अधिकारियों के अनुसार सबसे पहले संजय गैस की चपेट में आए और उन्हें बचाने के प्रयास में विजय भी दमघोंटू वातावरण का शिकार हो गए। बाद में नीचे उतरे मुकेश परिहार भी गैस से प्रभावित हो गए।
मुलताई अस्पताल के बीएमओ डॉ. गजेन्द्र मीणा ने बताया कि प्रथम दृष्टया जहरीली गैस और दम घुटने से मृत्यु होने की आशंका है। हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित