रायपुर , अगस्त 08 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सेन समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और समाज ने सदियों से भारतीय सामाजिक व्यवस्था, संस्कारों तथा समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि जन्म से लेकर विवाह और मृत्यु तक विभिन्न सामाजिक संस्कारों में सेन समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
श्री साय आज रायपुर के चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित सेन शक्ति सम्मेलन एवं केश शिल्पी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सेन समाज के लिए सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेन समाज के कल्याण के लिए केश शिल्पी कल्याण बोर्ड का गठन पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में किया गया था। उन्होंने कहा कि पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उस समय कई महत्वपूर्ण पहल की गई थीं। सैलून संचालन के लिए किट, कुम्हारों को बैटरी चलित चाक और बढ़ई समाज के लोगों को कारपेंट्री किट उपलब्ध कराने की शुरुआत भी इसी दिशा में की गई थी। उन्होंने कहा कि सेन समाज की वर्तमान आवश्यकताओं और मांगों पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने घोषणा की कि नया रायपुर में संत शिरोमणि सेन महाराज के नाम पर चौक का नामकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नामकरण के संबंध में कमेटी का गठन किया गया है। उन्होंने सेन समाज के विकास और कल्याण के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
उन्होंने कहा कि भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर का सेन समाज से होना पूरे समाज के लिए गौरव की बात है। कर्पूरी ठाकुर वंचित वर्गों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी विधायक रिकेश सेन और छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन समाज और प्रदेश के विकास में योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुनर और श्रम का सम्मान बढ़ा है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से पारंपरिक हुनर और छोटे व्यवसायों से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता, ऋण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को पूरा करने का काम तेजी से किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं और प्रतिदिन करीब 1500 से 1600 मकानों का निर्माण हो रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादों को भी पूरा किया गया है। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है। दो वर्षों का बकाया धान बोनस भी किसानों को दिया गया है।
श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की करीब 70 लाख माताओं-बहनों के खातों में हर महीने 1000 रुपये की राशि भेजी जा रही है। ढाई वर्षों में योजना के तहत 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पांच लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक में वृद्धि की गई है और चरण पादुका योजना भी पुनः शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के लिए विभिन्न विभागों में 20 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जा चुकी है। नई उद्योग नीति के माध्यम से करीब डेढ़ लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है। प्रदेश को अब तक आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने सेन समाज के पदाधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों से केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र लोगों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने में समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
श्री साय ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए पात्र उपभोक्ताओं से इसका लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान बिजली बिल का भुगतान नहीं होने से जिन परिवारों पर बड़ी राशि बकाया हो गई है, उन्हें योजना के तहत राहत दी जा रही है और सरचार्ज आदि माफ किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश में करीब 80 हजार घरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इनमें लगभग 40 हजार घरों में बिजली बिल शून्य आ रहा है।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा सेतु शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। वहीं, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि तहसीलदार, इंजीनियर, थाना प्रभारी से लेकर सचिव स्तर तक करीब आठ हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हैं।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सेन समाज हजारों वर्षों से ग्रामीण और सामाजिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण धुरी रहा है। जन्म, विवाह और मृत्यु सहित जीवन के प्रत्येक संस्कार में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर को वंचित वर्गों के संघर्ष का बड़ा प्रतीक बताते हुए उनके आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सेन शक्ति सम्मेलन को सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सेन समाज के कौशल विकास के लिए विभिन्न प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि सेन शक्ति सम्मेलन सेन समाज के लिए ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने समाज के उत्थान और कल्याण से जुड़ी विभिन्न आवश्यकताओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आए प्रशिक्षित सेन समाज के युवाओं को किट वितरित किए। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक रिकेश सेन, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास सहित विभिन्न बोर्डों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सेन समाज के प्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे।
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