चंडीगढ़ , अगस्त 07 -- चंडीगढ़ में पंजाब स्टेट चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग की ओर से चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित कम्युनिटी सेंटर में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान आयोग के सदस्य जितेंद्र सिंह शंटी ने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सुनने के साथ-साथ इमीग्रेशन फ्रॉड के बढ़ते मामलों को लेकर जागरूकता फैलाना भी रहा। चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के अलावा पंजाब के कई हिस्सों में इमीग्रेशन के नाम पर धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। कमीशन की ओर से लोगों को ऐसे मामलों में सतर्क रहने और किसी भी एजेंट के झांसे में आने से पहले पूरी जानकारी हासिल करने की अपील की गयी।
जनसुनवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने सेक्टर-23 में सरकारी डिस्पेंसरी नहीं होने का मुद्दा उठाया। लोगों ने देर रात तक खुलने वाली शराब की दुकानों और अन्य दुकानों को लेकर भी चिंता जतायी। उनका कहना था कि चंडीगढ़ में नशा एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। पान-बीड़ी की कई दुकानों पर नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतें भी सामने आयीं। लोगों ने पुलिस की रात के समय गश्त बढ़ाने की मांग की।
इसके अलावा सेक्टर-45 और 33 की डिवाइडिंग रोड सहित शहर के कई मार्गों पर भारी ट्रैफिक की समस्या भी उठायी गयी। लोगों ने कहा कि बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए बड़ी संख्या में अभिभावक निजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे ट्रैफिक के साथ-साथ प्रदूषण की समस्या भी बढ़ती है।
ग्रीन बेल्ट की सफाई, शहर की सफाई व्यवस्था और कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की खराब स्थिति को लेकर भी शिकायतें सामने आयीं। लोगों ने बताया कि कई गाड़ियां टूटी हुई हैं और उनसे रास्ते में कूड़ा गिरता रहता है।
श्री शंटी ने कहा कि जनसुनवाई में सामने आयी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों से इन शिकायतों पर जल्द कार्रवाई करने को कहा और स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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