चेन्नई , अगस्त 03 -- तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता वी. सेंथिलबालाजी ने सोमवार को मद्रास उच्च न्यायालय में दायर वह नयी याचिका वापस ले ली, जिसमें उन्होंने 35 करोड़ रुपये के तमिलगा वेट्ट्री कड़गम (टीवीके) रिश्वत मामले में छह दिनों तक पुलिस के सामने पेश होने से छूट मांगी थी।

गौरतलब है कि इस विधायक रिश्वत मामले को राज्य में सत्तारूढ़ विजय सरकार को गिराने की साजिश के रूप में देखा जा रहा था। उनकी जब शुक्रवार (31 जुलाई) को दायर याचिका पर न्यायमूर्ति जीके इलानथिरायण ने सुनवाई की, तो पूर्व मंत्री के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उन्हें एक दूसरे मामले में उच्चतम न्यायालय से राहत मिल गई है और उन्होंने जमानत की शर्तों का पालन करते हुए रिश्वत मामले में पुलिस के सामने पेश होना शुरू कर दिया है, इसलिए याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। अदालत ने दलीलों को स्वीकार कर लिया और याचिका को वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया।

कोयंबटूर दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र के विधायक सेंथिलबालाजी दो दिनों तक ट्रिपलिकेन पुलिस के सामने पेश नहीं हुए थे क्योंकि उनसे और उनके सहयोगियों से जुड़ी जगहों पर करोड़ों रुपये के सरकारी टीएएसएमए शराब घोटाले में डीवीएसी की छापेमारी चल रही थी और पुलिस अगले कदम पर विचार कर रही थी, जिसमें शर्तों का पालन न करने पर उनकी जमानत रद्द करने के लिए अदालत का रुख करना भी शामिल था, जिससे उनकी तुरंत गिरफ्तारी हो सकती थी।

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