रांची , जुलाई 17 -- झारखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल एवं झारखंड पीपुल्स पार्टी (जेपीपी) के केंद्रीय अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में बयान जारी करते हुए केंद्र सरकार से उनकी मांगों पर तत्काल गंभीरता से विचार करने की अपील की है।
श्री बेसरा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक का आमरण अनशन लगातार जारी है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। इसे गंभीर और संवेदनशील विषय बताते हुए उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप करने तथा मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय को भी स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।
पूर्व विधायक ने कहा कि यदि इस मामले का समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो देशभर में युवाओं में व्यापक असंतोष फैल सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।
अपने बयान में श्री बेसरा ने स्वतंत्रता सेनानी पोट्टी श्रीरामुलु के आमरण अनशन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके बलिदान के बाद आंध्र प्रदेश के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ और बाद में राज्यों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हुई। उन्होंने कहा कि इतिहास बताता है कि जन आंदोलनों और लोकतांत्रिक संघर्षों का देश की राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ता है।
श्री बेसरा ने स्वयं को झारखंड आंदोलन के लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ता बताते हुए देश के युवाओं से लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से अपनी आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और भागीदारी ही देश की दिशा और दशा तय करती है।
उन्होंने अंत में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनहित के मुद्दों पर शांतिपूर्ण आंदोलन के समर्थन की बात दोहराई।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित