जयपुर , मई 20 -- स्ट्रेलिया के लिए 100 से ज़्यादा टेस्ट खेलने वाले जस्टिन लैंगर, वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा से हैरान होने वालों की सूची में एक नया नाम बन गए हैं।

राजस्थान रॉयल्स (आरआर) को प्ले ऑफ़ की उम्मीदें ज़िंदा रखने के लिए लैंगर की कोचिंग वाली लखनऊ सुपर जायंट्स के ख़िलाफ़ 221 रन बनाने थे, लेकिन सूर्यवंशी ने 38 गेंदों में 93 रन बनाकर मैच को आसान बना दिया। जब वह आउट हुए, तब आरआर को जीत के लिए सिर्फ छह ओवर में सिर्फ़ 41 रन चाहिए थे।

लैंगर ने सूर्यवंशी को लेकर विश्व क्रिकेट के लिए एक तरह की चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा, "35 साल के क्रिकेट करियर में मैंने कई शानदार खिलाड़ी देखे हैं, लेकिन किसी युवा खिलाड़ी को इस तरह बल्लेबाज़ी करते देखना, सिर्फ़ आज नहीं बल्कि पूरे टूर्नामेंट में हैरान कर देने वाला है। पिछले मैच में मिचेल स्टार्क गेंदबाज़ी कर रहे थे और उनके चेहरे का भाव देखिएगा। सूर्यवंशी उन्हें मार रहे हैं और स्टार्क के चेहरे पर ऐसा भाव था जैसे- 'यह यहां क्या हो रहा है?'उन्होंने कहा,"तो एक पूर्व बल्लेबाज़ होने के नाते मैं जानता हूं कि बल्लेबाज़ी कितनी मुश्किल होती है। मैं सोचता हूं, 'यह आख़िर हो क्या रहा है?' असल में यह अविश्वसनीय है कि वह इस तरह खेल पा रहे हैं और अब ऑरेंज कैप भी उनके पास है। कई बार जब खिलाड़ी इस तरह खेलते हैं तो उसमें बड़ा जोख़िम होता है, लेकिन वह लगातार रन बना रहे हैं। आख़िरकार क्रिकेट इसी के बारे में ही तो होता है।""रन बनाना सीखने के लिए सबसे अच्छा तरीका रन बनाना ही होता है, सिर्फ़ बड़े छक्के मारना नहीं और वह बार-बार रन बना रहे हैं। इसलिए आगे के लिए डराने वाली बात यह है कि अगर अभी मिच स्टार्क, अनरिख़ नॉर्खिए और बाकी गेंदबाज़ों के चेहरे सब कुछ बता रहे हैं, तो सोचिए जब वह बल्लेबाज़ी करना और बेहतर सीख जाएंगे, तब क्या होगा? वह एक शानदार खिलाड़ी हैं और उन्हें बल्लेबाज़ी करते देखना वाकई सौभाग्य की बात है।"लैंगर ने कहा कि गेंदबाज़ों ने अभी तक सूर्यवंशी का सर्वश्रेष्ठ रूप नहीं देखा है। उन्होंने कहा, "लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या ब्रैडमैन आज के दौर में इतने रन बना पाते, जब खिलाड़ी हेलमेट पहनते हैं, वगैरह-वगैरह। और मैं कहता हूं कि वह खुद को ढाल लेते। लेकिन सूर्यवंशी भी उतने ही अच्छे हैं। वह जहां भी खेलेंगे, अपने खेल को ढाल लेंगे क्योंकि गेंदबाज़ आख़िर उन्हें गेंद कहां डालेंगे? मुझे समझ नहीं आता कि वे उन्हें कहां गेंदबाज़ी करेंगे। इसलिए वह खुद को ढालेंगे और बेहतर होते जाएंगे, जो विश्व क्रिकेट के लिए डराने वाली बात है।"हालांकि सूर्यवंशी के कप्तान रियान पराग का मानना था कि उन्होंने अब तक सूर्यवंशी की सबसे बेहतरीन पारी देखी है, क्योंकि इस बार उन्होंने धैर्य दिखाया और संघर्ष के दौर से बाहर निकलकर बड़ी पारी खेली। ख़ासकर मोहसिन ख़ान के ख़िलाफ़, जिन्होंने पिछले मुक़ाबले में उन्हें मेडेन ओवर विकेट डाला था। वह शुरुआत में 5 गेंदों पर 1 रन और 10 गेंदों पर 5 रन बनाकर खेल रहे थे, लेकिन फिर उन्होंने आख़िरी 28 गेंदों पर 88 रन बना दिए। इस पारी ने सूर्यवंशी को इस आईपीएल में सबसे ज़्यादा रन और सबसे तेज़ रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों की सूची में सबसे ऊपर पहुंचा दिया।

पराग ने कहा, "मुझे लगता है कि यह उनकी सबसे बेहतरीन पारी है। जब वह 10 गेंदों पर 5 रन पर थे, तब मैं डगआउट में यही सोच रहा था। वहां से बल्लेबाज़ के पास दो रास्ते होते हैं। एक यह कि वह इसे अपने ऊपर ले ले और उसका ईगो हावी हो जाए कि मैं शॉट क्यों नहीं मार पा रहा हूं, मैं इस स्थिति से बाहर क्यों नहीं निकल पा रहा हूं और फिर वह बस आंख बंद करके बड़े शॉट खेलने लगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित