मुंबई , जून 06 -- भारत के मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर ने कहा है कि हालिया टी 20 विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर करना एक "कठिन फ़ैसला" था, जिस पर चयन समिति ने "काफ़ी विचार-विमर्श किया।"यह फ़ैसला आंशिक रूप से सूर्यकुमार की हालिया फ़ॉर्म, आंशिक रूप से श्रेयस अय्यर की टी20 फ़ॉर्म और आईपीएल में उनकी कप्तानी को देखते हुए लिया गया। चयनकर्ताओं का मानना है कि अक्टूबर 2028 में होने वाले अगले टी 20 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए यही "आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका" था।
टी 20 विश्व कप जिताने वाले कप्तान को न सिर्फ कप्तानी से हटाना बल्कि पूरी टीम से बाहर करना भारतीय क्रिकेट में अभूतपूर्व है, लेकिन आगरकर ने कहा कि यह फ़ैसला "टीम की भविष्य की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए" लिया गया।
मुंबई में शनिवार को आयरलैंड और इंग्लैंड के लिए टी 20 टीम की घोषणा करते हुए आगरकर ने कहा, "सूर्या को लेकर यह निश्चित रूप से कठिन फ़ैसला था, क्योंकि उन्होंने हाल ही में विश्व कप जिताया था। लेकिन आमतौर पर हर विश्व कप के बाद हम यह आकलन करते हैं कि आगे बढ़ने का सबसे अच्छा रास्ता क्या है।
"यह आंशिक रूप से उनकी अपनी फ़ॉर्म का मामला था, लेकिन अगले दो साल के चक्र या अगले विश्व कप में दो साल से थोड़ा अधिक समय को देखते हुए हमें लगा कि यही आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका है। और जैसा मैंने कहा, श्रेयस इस ज़िम्मेदारी के पूरी तरह हक़दार हैं।"हालिया आईपीएल में सूर्यकुमार ने 13 पारियों में 270 रन बनाए, जो आईपीएल 2017 के बाद उनका सबसे कम स्कोर था। तब उन्होंने केकेआर के लिए सात पारियों में 105 रन बनाए थे। आईपीएल 2026 में उनका औसत 20.76 रहा, जो आईपीएल 2017 के बाद सबसे कम था, जबकि 147.54 का उनका स्ट्राइक रेट, आईपीएल 2022 के बाद उनका सबसे ख़राब स्ट्राइक रेट रहा।
हालांकि जब 2025 में भी सूर्यकुमार का फ़ॉर्म कुछ ख़ास नहीं था। उन्होंने उस साल की शुरुआत इंग्लैंड के ख़िलाफ़ घरेलू सीरीज़ में पांच पारियों में सिर्फ़ 28 रन बनाकर की थी, जहां उनका औसत सिर्फ़ 5.60 रहा था।
इसके बाद यूएई में हुए एशिया कप में उन्होंने केवल एक बार 15 से अधिक रन बनाए और छह पारियों में 72 रन बनाकर टूर्नामेंट समाप्त किया। हालांकि भारत ने ख़िताब जीता और सूर्यकुमार ने कहा था कि वह "फ़ॉर्म से बाहर नहीं, बल्कि रन से बाहर हैं।" हालांकि अगली दो सीरीज़ में भी उन्हें अच्छे नतीजे नहीं मिले। ऑस्ट्रेलिया में चार पारियों में उन्होंने 84 रन बनाए, जबकि दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ घरेलू सीरीज़ में चार पारियों में केवल 34 रन बना सके। वहां उनका औसत 8.50 और स्ट्राइक रेट 103.03 रहा।
2026 की शुरुआत में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ घरेलू सीरीज़ में उन्होंने शानदार वापसी की। पांच पारियों में तीन अर्धशतक लगाए और सीरीज़ को 80.66 की औसत तथा 196.74 के स्ट्राइक रेट के साथ समाप्त किया। उन्होंने टी 20 विश्व कप की शुरुआत भी शानदार अंदाज़ में की थी और अमेरिका के ख़िलाफ़ 49 गेंदों पर नाबाद 84 रन बनाकर मैच का रुख़ बदल दिया था। लेकिन इसके बाद ख़िताब जीतने तक की आठ पारियों में वह 35 रन का आंकड़ा भी कभी पार नहीं कर सके।
आगरकर ने कहा, "अगर आप पिछले कुछ वर्षों में उनके प्रदर्शन को देखें, तो वह एक ऐसे कप्तान रहे जिन्होंने बहुत सारे मैच जिताए। अंततः उन्होंने विश्व कप भी जिताया। स्वाभाविक रूप से हमने इस पर बहुत विचार किया, ख़ासकर तब जब किसी खिलाड़ी ने आपको विश्व कप जिताया हो। यह आसान चर्चा नहीं थी। लेकिन किसी न किसी समय हमें इस पर विचार करना ही था। क्या आईपीएल की फ़ॉर्म ने इस फ़ैसले को तय किया? मैं यह नहीं कहूंगा क्योंकि इस पर पहले से बातचीत चल रही थी। लेकिन श्रेयस की इस तरह की बल्लेबाज़ी ने हमारा फ़ैसला थोड़ा आसान बना दिया।"आगरकर ने यह भी कहा कि अगले टी20 विश्व कप में अभी दो साल से अधिक समय बाक़ी है, इसलिए टीम प्रबंधन के पास योजनाएं बनाने के लिए पर्याप्त समय है। यह स्थिति 2024 और 2026 के टी 20 विश्व कप के बीच केवल 19 महीने के अंतराल से अलग है। उन्होंने यह भी बताया कि सूर्यकुमार को टीम से बाहर करने के फ़ैसले को लेकर उनकी हाल ही में उनसे बातचीत हुई थी, लेकिन वह उसके विवरण साझा नहीं करना चाहते हैं।
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