श्रीगंगानगर , सितम्बर 21 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में सोमवार को ऐसा नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला, जिसने पूरे दिन सियासी गलियारों में सनसनी फैलाए रखी।
वार्ड चुनाव परिणाम के बाद पांच दिन से लापता रहे कांग्रेस पार्षद कृष्ण बेनीवाल अंतिम क्षणों में मतदान केंद्र पहुंचे और मतदान किया। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी ज्योतिकंवर महज एक मत के अंतर से विजयी घोषित हुईं।
भाजपा की ज्योतिकंवर को 23 मत मिले, जबकि कांग्रेस की परमेश्वरी गोदारा के खाते में 22 मत आए। परिणाम घोषित होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं कांग्रेस खेमे में अंतिम समय तक चले घटनाक्रम पर सवाल उठने लगे।
पिछले सोमवार को घोषित वार्ड चुनाव परिणाम में कांग्रेस और भाजपा दोनों को 16-16 वार्डों में जीत मिली थी। 12 वार्डों में निर्दलीय और एक वार्ड में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) प्रत्याशी विजयी रहा था। अध्यक्ष पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 23 है। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों का रुख ही निर्णायक बन गया।
आज के मतदान में भाजपा को 23 मत मिलना इस बात का संकेत है कि वह करीब सात निर्दलीय पार्षदों का समर्थन जुटाने में सफल रही। कांग्रेस को मिले 22 मतों में एक माकपा का माना जा रहा है, जबकि शेष पांच मत निर्दलीय पार्षदों के होने की संभावना जताई जा रही है।
मतदान सुबह निर्धारित समय के अनुसार शुरू हुआ। बाकी 44 पार्षदों ने अपने मत डाल दिए, लेकिन वार्ड संख्या 43 से कांग्रेस के पार्षद कृष्ण बेनीवाल अपराह्न दो बजे तक निर्धारित अवधि में भी केंद्र पर नहीं पहुंचे। निर्वाचन अधिकारी ने शाम पांच बजे तक मतदान की अवधि बढ़ा दी। इस पर सूरतगढ़ कांग्रेस विधायक डूंगरराम गैदर ने सवाल उठाया कि यह अवधि किस नियम के तहत बढ़ाई गई। हालांकि चुनाव आयोग के नियमों में निर्वाचन अधिकारी को असाधारण परिस्थितियों में अवधि बढ़ाने का अधिकार है। दूसरी बार अवधि बढ़ाने के लिए विधायक ने लिखित आवेदन किया । निर्वाचन अधिकारी ने अवधि को एक घंटा और बढ़ाकर शाम छह बजे तक कर दिया। इसके बाद श्री बेनीवाल मतदान करने और पहुंचे।
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