सूरजपुर , अक्टूबर 24 -- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की नगर पंचायत प्रेमनगर में विकास कार्यों को लेकर नगर पंचायत जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच विवाद गहरा गया है। नगर पंचायत अध्यक्ष सुखमनिया जगत, उपाध्यक्ष आलोक साहू सहित कई पार्षदों ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) पर पद के दुरुपयोग और विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की आज मांग की है। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
जनप्रतिनिधियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत इसी वर्ष 20 फरवरी को जारी निविदा विज्ञापन से हुई थी। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद 17 अप्रैल 2026 को दो ठेकेदारों को कार्यादेश जारी किए गए थे। संबंधित विकास कार्य शुरू भी हो चुके थे। पार्षदों का कहना है कि सीएमओ ने स्वयं कार्यों का मूल्यांकन कर भुगतान भी किया था।
मामले में नया मोड़ नौ अक्टूबर 2026 को आया, जब सीएमओ ने आदेश जारी कर नगर पंचायत के सात विकास कार्यों के कार्यादेश एकतरफा निरस्त कर दिए। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि कलेक्टर ने केवल निविदा प्रक्रिया पर रोक लगाने की बात कही थी, लेकिन सीएमओ ने इसकी गलत व्याख्या करते हुए पहले से जारी कार्यादेशों को ही निरस्त कर दिया।
पार्षदों ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा है कि इससे नगर पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच कराने और मुख्य नगरपालिका अधिकारी को पद से हटाने की मांग की है।
वहीं, आगामी कुछ महीनों में नगर पंचायत के चुनाव प्रस्तावित होने के मद्देनजर यह विवाद राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है। हालांकि, मामले में सीएमओ का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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