मॉस्को , जनवरी 11 -- अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति (आईसीआरसी) ने सूडान में हिंसाग्रस्त इलाकों से भाग रहे आम लोगों को सुरक्षित निकालने की अपील की है। आईसीआरसी की संचालन निदेशक यास्मीन प्राज डेसिमोज ने मीडिया को यह जानकारी दी है।
सुश्री डेसिमोज ने कहा, "हम हिंसाग्रस्त इलाकों से भाग रहे सभी आम लोगों के सुरक्षित रास्ते की अपील कर रहे हैं। जो कोई भी अब लड़ाई में हिस्सा नहीं ले रहे हैं, जिसमें घायल, बीमार और हिरासत में लिए गए लोग शामिल हैं, उनके साथ पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार इंसानियत और गरिमा से पेश आना चाहिए।"उन्होंने कहा कि सूडान में हिंसा बढ़ने के बाद अल फशीर शहर से तवीला आने वाले आम लोगों और परिवारों की संख्या हजारों में पहुंच गई है। सुश्री डेसिमोज ने कहा, "सूडान या कहीं और यह समिति राजनीतिक वार्ता में हिस्सा नहीं लेती है। हम सूडान में लड़ाई से प्रभावित लोगों की अंतहीन तकलीफ को कम करने की सभी कोशिशों का स्वागत करते हैं। इसके लिए मदद काफी नहीं होगी बल्कि स्थाई शांति के लिए राजनीतिक हल जरूरी है। मानवीय संगठनों को जरूरतमंदों की तब तक मदद करने की इजाजत होनी चाहिए।"उल्लेखनीय है कि सूडान की रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) ने 26 अक्टूबर को अल फशीर में मौजूद सूडानी सेना की छठी इन्फैंट्री डिविजन के मुख्यालय पर कब्जा कर लिया। यह शहर उत्तरी दारफुर में सरकारी सेना का सबसे बड़ा गढ़ था, जहां डेढ़ साल तक लगातार लड़ाई चली। इलाके के अधिकारियों ने कहा कि शहर के आरएसएफ के कब्जे में आने के बाद अल फशीर में मरने वालों की संख्या 2,200 तक पहुंच गई थी।
अप्रैल 2023 से सूडान आरएसएफ और सूडानी सेना के बीच जबरदस्त लड़ाई में घिरा हुआ है। सेना ने मार्च 2025 में कहा था कि उसने राजधानी खार्तूम पर फिर से कब्जा कर लिया है।
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