मुंबई , सितंबर 19 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार बारिश में लंबे अंतराल और फसलों के व्यापक नुकसान के बाद कई जिलों में पैदा हुई सूखे जैसी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने प्रभावित किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उन्हें केंद्र सरकार से धन मिलने का इंतजार किए बिना ही वित्तीय सहायता दी जाएगी।
श्री फडणवीस ने संवाददाताओं को बताया कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की गई है और सभी मंत्रियों को जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, "मंत्रियों ने अपने जिलों का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की है। हम अगले एक हफ्ते में शुरुआती आकलन करेंगे, जिसके बाद फसल क्षति का पंचनामा किया जाएगा और उसके अनुसार किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाएगा।" मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सूखे की आधिकारिक घोषणा और राहत वितरण के लिए तय दिशा-निर्देशों और सरकारी प्रस्तावों का पालन करेगी, जिनका पालन पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा भी किया जाता रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष से वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करेगा, लेकिन राज्य सरकार केंद्रीय मदद के इंतजार में किसानों की राहत को नहीं रोकेगी। उन्होंने कहा, "5 अक्टूबर से पंचनामा शुरू होगा और इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पंचनामा रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी, लेकिन हम केंद्र की मदद का इंतजार किए बिना किसानों को राहत देंगे।" इसके साथ ही उन्होंने इस संकट के समय विपक्षी दलों द्वारा राजनीति करने की आलोचना की।
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