पन्ना , अप्रैल 25 -- मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक सूखे कुंए में तेंदुआ और बछड़ा गिर गए, इस गहरे कुंए में दोनों तक़रीबन 15 घंटे तक साथ रहे। आश्चर्य की बात यह रही कि छोटे बछड़े को शिकारी तेंदुए ने किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।

बछड़ा और तेंदुआ के कुंआ में गिरने की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने इन दोनों को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाला। यह वाकया इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। संकट की घडी में दोनों के बीच बहुत ही आत्मीय और दोस्ताना रिश्ता कायम रहा, जबकि बछड़ा तेंदुए का पसंदीदा शिकार है।

वन विभाग की टीम ने शुक्रवार को बड़ी सूझबूझ के साथ रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाबी हासिल की। जानकारी के अनुसार पन्ना जिले के दक्षिण वनमंडल के रैपुरा रेंज अंतर्गत अलौनी बीट के ग्राम मक्केपाला में तेंदुआ और बछड़ा एक ही कुंए में गिर गए थे। करीब 15 घंटे तक दोनों साथ फंसे रहे, फिर भी तेंदुआ जो कि बछड़े का शिकारी माना जाता है, उसने बछड़े कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। कुंए के भीतर अविश्वसनीय नजारा दिखाई दिया, कभी बछड़ा तेंदुए की पीठ पर बैठता तो कभी तेंदुआ उसके पास जाकर उसे चाटता नजर आया। दोनों के बीच संकट के समय बनी यह दोस्ती अब एक मिसाल बन चुकी है।

सूखे और गहरे कुंए से इन दोनों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने शानदार तरीका अपनाया। उन्होंने लकड़ी के लट्ठों और रस्सियों से अस्थायी सीढ़ी तैयार की, जिसके सहारे तेंदुआ सुरक्षित बाहर निकल आया। रेस्क्यू आपरेशन की रणनीति कुछ इस तरह बनाई गई कि बाहर निकलते ही तेंदुआ गांव की ओर न जाकर सीधे जंगल की तरफ जाए।

दक्षिण वन मंडल पन्ना के डीएफओ अनुपम शर्मा ने बताया कि कल सुबह हमें जानकारी मिली कि एक कुएं में बछड़ा और तेंदुआ गिर गए हैं। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए हमारी टीम ने एक सूझबूझ भरा निर्णय लिया। जब दोनों कुएं में थे, तब आपस में खेल रहे थे। कुएं के अंदर तेंदुए ने बछड़े को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। तेंदुए को निकालने के बाद हमने बछड़े को बाहर निकाल लिया जो अब अपनी मां के साथ सुरक्षित है।

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