मुंबई , अक्टूबर 14 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव आचार संहिता का हवाला देकर सूखा समीक्षा बैठकों से अनुपस्थित रहने वाले सरकारी अधिकारियों को सख्त कार्रवाई और निलंबन की चेतावनी दी है।

मुख्यमंत्री ने यह कड़ा निर्देश तब जारी किया जब कुछ मंत्रियों ने यह शिकायत की कि अधिकारी चुनाव संबंधी पाबंदियों का बहाना बनाकर ऐसी बैठकों से बच रहे हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने नाराजगी व्यक्त करते हुए मंत्रियों से उन अधिकारियों के नाम सौंपने को कहा जो बैठकों में शामिल नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा, "मुझे उन अधिकारियों के नाम दीजिए जो आचार संहिता का हवाला देकर सूखा समीक्षा बैठकों में नहीं आ रहे हैं। मैं उन सभी को निलंबित कर दूंगा।" इस मुद्दे पर सूखा प्रबंधन से जुड़ी कैबिनेट उप-समिति की बैठक में चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आचार संहिता सरकार को सूखा संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए बैठकें आयोजित करने या राहत उपाय लागू करने से नहीं रोकती है। उन्होंने मंत्रियों को अपने अधिकारों का उपयोग करने और राहत कार्यों को बिना किसी देरी के लागू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सूखा प्रबंधन से संबंधित बैठकों के लिए चुनाव आयोग से पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है, इसलिए अधिकारी चुनाव संबंधी पाबंदियों को सूखा राहत प्रयासों में बाधा न बनने दें। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अधिकारियों की अनुपस्थिति और समीक्षा बैठकों में देरी से सूखा राहत उपायों के क्रियान्वयन में बाधा आने की शिकायतें मिल रही थीं।

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