धाराशिव , सितंबर 20 -- महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के तुलजापुर तालुका में बारिश न होने के कारण सोयाबीन की फसल को हुए भारी नुकसान के विरोध में 'स्वाभिमानी शेतकारी संगठन' ने रविवार को लगभग 50 गांवों में खराब हुई सोयाबीन की फसल जलाकर उग्र प्रदर्शन किया।
संगठन ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं और राहत उपायों की घोषणा में देरी करने का आरोप लगाते हुए यह प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया है। किसानों और प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सरकार तुलजापुर तालुका में तुरंत सूखाग्रस्त स्थिति की घोषणा करे और प्रभावित किसानों को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करे। संगठन ने सोयाबीन फसल के नुकसान के एवज में 1-1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग की है। इसके साथ ही, फसल की बर्बादी से उपजे वित्तीय संकट को देखते हुए किसानों के संपूर्ण कृषि ऋण माफ करने की भी मांग रखी गई है।
संगठन की एक अन्य प्रमुख मांग खराब हुई सोयाबीन की फसल के लिए 100 प्रतिशत फसल बीमा मुआवजा राशि का भुगतान करना है। उन्होंने मांग की है कि बीमा राशि बिना किसी देरी के पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे स्थानांतरित की जाए। लंबे समय तक बारिश न होने के कारण तालुका के कई हिस्सों में सोयाबीन की फसल पूरी तरह सूख गई है या क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट और किसानों की आय प्रभावित होने की आशंका है।
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