रायपुर , मई 29 -- छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए रिश्वत लेते दो कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इनमें कोरबा जिले के तुमान में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर से एक सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी तथा रायगढ़ जिले के छाल तहसील कार्यालय से एक लिपिक शामिल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोरबा जिले के तुमान में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर के दौरान एसीबी की टीम ने सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। आरोप है कि सेवानिवृत्त शिक्षक अमृतलाल बघेल से शासकीय कार्य कराने के एवज में उक्त राशि की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद बिलासपुर एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। ऐसा बताया गया कि बिलासपुर एसीबी के पुलिस उपायुक्त (डीएसपी) अजीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने समाधान शिविर में पहुंचकर आरोपी को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान शिविर परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है तथा मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
इसी तरह रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ अनुविभाग अंतर्गत छाल तहसील कार्यालय में एसीबी ने लिपिक के रूप में कार्यरत तुलाराम पटेल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता ग्राम धसकामुड़ा निवासी किसान भानुप्रताप पटेल ने आरोप लगाया था कि खसरा के बी-1 में त्रुटि सुधार करने के लिए उससे 60 हजार रुपये की मांग की गई थी।
शिकायत की जांच के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की और आरोपी को रिश्वत का लेन-देन करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। बताया गया कि तुलाराम पटेल मूल रूप से शिक्षक पद पर कार्यरत है और वर्तमान में छाल तहसील में लिपिक के रूप में अटैच था।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आवश्यक दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच के बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्रवाई की जाएगी। दोनों मामलों में एसीबी की टीम विस्तृत जांच में जुटी हुई है।
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