टिहरी , अप्रैल 02 -- उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के चंबा-धरासू मोटर मार्ग स्थित सुल्याधार के नीचे थापली तोक में गुरुवार को एक खूंखार भालू के हमले से क्षेत्र में दहशत फैल गई। भालू ने ग्राम प्रधान सहित तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम प्रधान बेरगणी युद्धवीर सिंह रावत, फॉरेस्टर अजयपाल पंवार तथा ग्रामीण विनोद सिंह रावत गुरुवार को भालू की गतिविधियों का निरीक्षण करने मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान पहले से मौजूद भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया। तीनों ने साहस का परिचय देते हुए काफी देर तक भालू से संघर्ष किया और अंततः उसे खदेड़ने में सफल रहे लेकिन इस दौरान वे घायल हो गए। भालू के नाखूनों से उनके शरीर पर गहरे जख्म बन गये हैं।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को कंडी और कंधों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाया, जहां से उन्हें उपचार के लिए भेजा गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ दिन पूर्व इसी क्षेत्र में एक महिला पर भी इसी भालू ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसका उपचार ऋषिकेश स्थित एम्स में चल रहा है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।

भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान ऋषि राम भट्ट ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग को पहले ही खतरे से अवगत कराया गया था, इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि बिना हथियारों के कर्मियों को मौके पर भेजना गंभीर चूक है।

जिला पंचायत सदस्य शीशपाल सिंह राणा, भाजपा नेता भगवान सिंह राणा, राजेंद्र सिंह नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने भी घटना पर रोष व्यक्त करते हुए वन विभाग से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

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