सुलतानपुर , अक्टूबर 27 -- उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के ऐतिहासिक दुर्गापूजा महोत्सव के समापन पर सोमवार देर शाम शुरू हुई विसर्जन शोभायात्रा के करीब 24 घंटे बाद मंगलवार शाम पहली बड़ी दुर्गा प्रतिमा गोमती नदी के सीताकुंड घाट पहुंची। परंपरा के अनुसार, बड़ी दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के बाद ही अन्य प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू होगा। आयोजकों के अनुसार, करीब 150 प्रतिमाओं का विसर्जन अगले 36 घंटे में पूरा होने की संभावना है।

इस मौके पर अयोध्या परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) सोमेन वर्मा और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल मौजूद रहे। डीआईजी ने कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और अधिकारियों को सतर्क रहने तथा अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर व्यवस्था समिति ने प्रशासन से सहयोग और सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से नाव पर चार से अधिक व्यक्तियों के नहीं बैठने, लाइफ जैकेट पहनने और वाहनों को निर्धारित गेट के बाहर पार्क करने का आग्रह किया गया है।

जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने सोमवार देर शाम हरी झंडी दिखाकर विसर्जन शोभायात्रा रवाना की थी। विजयादशमी से चल रहे दुर्गापूजा महोत्सव के तहत निकली शोभायात्रा नगर के चौक क्षेत्र से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए सीताकुंड घाट पहुंच रही है। सज्जित रथों पर सवार दुर्गा प्रतिमाओं के साथ डीजे और नृत्य मंडलियां भी शामिल हैं। रातभर श्रद्धालु भजन-गीतों पर झूमते हुए शोभायात्रा में शामिल रहे।

नगर क्षेत्र और आसपास के उन इलाकों की प्रतिमाओं का विसर्जन, जो मुख्य शोभायात्रा में शामिल नहीं हैं, सोमवार से ही शुरू हो गया था। प्रशासन ने प्रतिमा विसर्जन के लिए सेक्टर और जोन व्यवस्था के तहत मजिस्ट्रेटों की तैनाती की है। घाटों पर बैरिकेडिंग और गोताखोरों की व्यवस्था भी की गई है।

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि पीएसी, सिविल पुलिस और महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। शोभायात्रा के पूरे मार्ग पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। राजपत्रित अधिकारी और मजिस्ट्रेट सेक्टर एवं जोन व्यवस्था के तहत लगातार निगरानी कर रहे हैं। घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात हैं, ताकि विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

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