सुलतानपुर , सितम्बर 17 -- उत्तर प्रदेश में सुलतानपुर जिले की एक अदालत ने श्रद्धा सिंह हत्याकांड के चर्चित मामले में दोषी बल्दीराय थाने के ग्राम परसौली मजरे ऐंजर निवासी सुभाष सिंह चौहान व जयकरन चौहान को गुरुवार को आजीवन कारावास की सजा सुनायी।

फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश स्वतंत्र प्रकाश ने दोषियों पर एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना की आधी रकम मृतका श्रद्धा सिंह की मां अर्चना सिंह को मिलेगी। न्यायालयीय सूत्रों के अनुसार कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए बुधवार को जेल भेज दिया था। गुरुवार को दोपहर 12 बजे पुलिस ने दोषी सुभाष सिंह चौहान व जयकरन चौहान को जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई।अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी क्रिमिनल संजय सिंह व वादी मुकदमा के अधिवक्ता शैलेंद्र पांडेय ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष ने दोषियों की उम्र व आर्थिक स्थिति कमजोर होने का हवाला देते हुए कम से कम सजा देने की मांग की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद शाम 4:40 बजे फैसला सुनाते हुए दोषियों को सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है।

ज्ञात हो कि जिले के बल्दीराय थाने के ग्राम तड़रसा मजरे ऐंजर निवासी प्रदीप सिंह का आरोपियों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 21 सितंबर 2020 को हैंडपम्प पर पानी भर रही प्रदीप सिंह की पुत्री श्रद्धा सिंह (17) को आरोपियों ने पकड़कर हाथ,पैर व मुंह बांध दिया था और उस पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी थी। गम्भीर रूप से झुलसी श्रद्धा की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतका के मां अर्चना देवी ने गांव के जगबरन यादव और पड़ोस के परसौली गांव के सुभाष सिंह चौहान, जयकरन चौहान व महंथ के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी सुभाष सिंह चौहान व जयकरन चौहान के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय की अदालत में सुनवाई हुई।

केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना को साबित करने के लिए 12 गवाहों को कोर्ट में पेश किया। वहीं, बचाव पक्ष ने सफाई साक्ष्य में तीन लोगों की गवाही दर्ज कराई थी।

अधिवक्ता शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि हत्याकांड में आरोपी महंथ लंबे समय से फरार चल रहा था। बीते दिनों पुलिस ने आरोपी महंथ को देहली बाजार से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके केस की सुनवाई अभी कोर्ट में विचाराधीन है। हत्याकांड में आरोपी जगबरन यादव के केस में हाईकोर्ट ने स्टे दे रखा है। स्टे होने से उसके केस की सुनवाई नहीं हो रही है।

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