सुलतानपुर , अप्रैल 27 -- महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्षी दलों के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को जोरदार शक्ति प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर उतरकर आक्रोश व्यक्त किया। भाजपा महिला नेताओं व कार्यकर्ताओं ने जन-आक्रोश महिला सम्मेलन, पैदल मार्च और पुतला दहन के माध्यम से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की कथित महिला विरोधी मानसिकता के खिलाफ प्रदर्शन किया। सुलतानपुर में कार्यक्रम जिला संयोजक विजय त्रिपाठी के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं ने खुर्शीद क्लब से तिकोनिया पार्क तक विशाल पैदल मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां और तिरंगा लिए महिलाओं ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की और कलेक्ट्रेट गेट पर राहुल गांधी तथा अखिलेश यादव का पुतला दहन कर आक्रोश जताया।

इससे पहले जिला पंचायत सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जिले के प्रभारी एवं पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण आधी आबादी का अधिकार है और इसे हर हाल में दिलाने के लिए एनडीए पूरी मजबूती से संघर्ष करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा ने न केवल महिला आरक्षण का विरोध किया, बल्कि देश की करोड़ों माताओं-बहनों के साथ विश्वासघात भी किया है।

मंत्री राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर गाजीपुर की घटना को लेकर जातीय तनाव भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह राजनीतिक घटनाओं को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत कर समाज में विभाजन पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव केवल चुनिंदा मामलों में ही संवेदना जताते हैं, जबकि अन्य मामलों में चुप्पी साध लेते हैं।

प्रियंका गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही, लेकिन 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू नहीं कर सकी। अब जब भाजपा सरकार ऐतिहासिक कदम उठा रही है तो विपक्ष केवल विरोध की राजनीति कर रहा है।

पंचायत चुनाव के संबंध में पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है और न्यायालय के निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

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