रायपुर , अक्टूबर 30 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सुरक्षा हटाने संबंधी निर्णय में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की एनएसजी सुरक्षा की भी समीक्षा किए जाने की शुक्रवार को मांग की।
कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने राजधानी रायपुर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने बस्तर सहित प्रदेश के विभिन्न जनप्रतिनिधियों को मिली सुरक्षा की समीक्षा की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दावा है कि नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब विशेष सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री सिंह की एनएसजी सुरक्षा भी हटाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह को नक्सल प्रभावित राज्य का मुख्यमंत्री रहने के कारण एनएसजी सुरक्षा प्रदान की गई थी और वे वर्तमान में भी ब्लैक कैट कमांडो की सुरक्षा में रहते हैं। उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़े आठ वर्ष से अधिक समय हो चुका है। यदि नक्सलवाद समाप्त होने के आधार पर अन्य जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा वापस ली जा रही है, तो डॉ. सिंह को भी पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जानी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि बस्तर सहित प्रदेश के अनेक भाजपा नेताओं को केंद्र सरकार की ओर से सीआरपीएफ की विशेष सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। क्या राज्य सरकार इस सुरक्षा को वापस लेने के लिए भी केंद्र से अनुशंसा करेगी?उन्होंने पूछा कि जिन जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा हटाई जा रही है, क्या उनके संबंध में सरकार ने खुफिया एजेंसियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि बस्तर के जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा वापस लेने के बाद यदि कोई अप्रिय घटना होती है, तो क्या राज्य सरकार उसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करेगी।
श्री बैज ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार से दीपावली से पहले बकाया एरियर्स का भुगतान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में मोदी की गारंटी के तहत राज्य के कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता और एरियर्स देने का वादा किया था। उनके अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को वर्तमान में 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि राज्य सरकार ने इसे 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया है। इसके बावजूद दोनों के बीच तीन प्रतिशत का अंतर बना हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने एक जनवरी 2026 से दो प्रतिशत महंगाई भत्ते में वृद्धि की थी, जिसे राज्य सरकार लगभग 10 महीने बाद लागू कर रही है। ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इस अवधि का एरियर्स दीपावली से पहले दिया जाना चाहिए।
श्री बैज ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक जुलाई 2026 से तीन प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता स्वीकृत किया था लेकिन तीन महीने बीतने के बावजूद राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इसका लाभ नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के आर्थिक हितों की अनदेखी कर रही है तथा चुनावी वादों को पूरा नहीं कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने चक्रवात 'अर्नब' के कारण प्रदेश में फसलों को हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सर्वेक्षण शुरू कराने और वास्तविक क्षति के आधार पर किसानों को मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। राज्य सरकार को नुकसान का शीघ्र आकलन कर क्षतिपूर्ति राशि जारी करनी चाहिए।
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