जयपुर , मई 27 -- राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा जल जीवन मिशन में 979 करोड़ 27 लाख रुपये के फर्जी दस्तावेजों के जरिए टेंडर देने के मामले में गिरफ्तार सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (पीएचईडी) सुबोध अग्रवाल की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई।

मामले की सुनवाई न्यायाधीश राजेन्द्र शर्मा ने की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने फैसला 29 मई तक सुरक्षित रख लिया।

सरकार की ओर से लोक अभियोजक आलोक और शालिनी गौतम ने पैरवी की, जबकि सुबोध अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता एसएस होरा ने पक्ष रखा। एसीबी ने सुबोध अग्रवाल को नौ अप्रैल को गिरफ्तार किया था। मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी सहित कई आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। फरार आरोपी जितेन्द्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।

मामले में सुबोध अग्रवाल सहित चार आरोपियों के खिलाफ 13 मार्च को स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हुए थे। एसीबी ने प्राथमिक जांच के बाद 30 अक्टूबर 2024 को प्राथमिकी दर्ज की थी।

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