नयी दिल्ली , अगस्त 03 -- उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा कि क्या ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के फ्रीज़ किये गये बैंक खातों में जमा 440 करोड़ रुपये में से कुछ रकम पार्टी के रोज़मर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासक को जारी की जा सकती है।

यह मामला तृणमूल कांग्रेस की उस अपील की सुनवाई के दौरान उठा, जिसमें पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज़ करने के प्रवर्तन निदेशालय के फैसले के खिलाफ अंतरिम राहत देने से कलकत्ता उच्च न्यायालय के इनकार को चुनौती दी गयी है।

न्यायमूर्ति एम.एम. सुंद्रेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने ईडी से यह निर्देश प्राप्त करने को कहा कि क्या प्रशासक को कुछ अतिरिक्त धनराशि जारी की जा सकती है। इस प्रशासक को पहले उच्च न्यायालय ने पार्टी के नियमित कामकाज के लिए निकासी की निगरानी करने और उचित लेखा-जोखा बनाए रखने हेतु नियुक्त किया था।

शीर्ष अदालत ने कहा कि चूंकि प्रशासक को न्यायालय के आदेश पर नियुक्त किया गया है और उसे खर्च का हिसाब देना है इसलिए वह चाहती है कि ईडी इस बात पर विचार करे कि क्या पार्टी के रोज़मर्रा के कामकाज के लिए कुछ सीमित रकम उपलब्ध करायी जा सकती है।

ईडी की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने कहा कि तृणमूल के बैंक खाते में अभी भी लगभग 164 करोड़ रुपये जमा हैं जिन्हें फ्रीज़ नहीं किया गया है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने इस बात का विरोध किया और न्यायालय से पार्टी को उचित अंतरिम राहत देने का आग्रह किया।

ईडी द्वारा निर्देश प्राप्त करने के लिए समय देने के अनुरोध को स्वीकार करते हुए पीठ ने मामले की आगे की सुनवाई 11 अगस्त के लिए निर्धारित की। तृणमूल ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कार्यवाही में अपने बैंक खातों में 440 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज़ किए जाने की ईडी की कार्रवाई को चुनौती देते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया था।

ईडी की जांच कथित रूप से एक विमान और एक हेलीकॉप्टर की खरीद के संबंध में अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच केयरवेल एविएशन इंडिया और उससे संबंधित इकाई को धनराशि के कथित हस्तांतरण से संबंधित है।

गत 20 जुलाई के अपने आदेश में, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पार्टी को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया और कहा कि ईडी ने तृणमूल कांग्रेस के 36 अन्य बैंक खातों को फ्रीज़ नहीं किया है, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 164 करोड़ रुपये हैं।

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