मुरैना , मई 02 -- उच्चतम न्यायालय की फटकार के बाद केंद्रीय सशक्त कमेटी (सीईसी ).टीम ने मध्य प्रदेश में चंबल अभ्यारण्य में अवैध रेत उत्खनन का निरीक्षण किया। टीम को कई स्थानों पर अवैध खनन के गड्ढे और रेत का अवैध भंडारण मिला, जिसके बाद तीनों राज्यों मध्यप्रदेश,राजस्थान ओर उत्तरप्रदेश के अधिकारियों के साथ बैठक ली।
चंबल में रेत के अवैध उत्खनन पर शीर्ष न्यायालय के स्वत: संज्ञान लेते हुए मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाने के बाद शुक्रवार को सीईसी की टीम चंबल अभ्यारण्य क्षेत्र में पहुंच गई।
टीम ने नाव से 30 किलोमीटर दायरे में चंबल के घाट का निरीक्षण किया। टीम को प्रदेश के मुरैना स्थित क्षेत्र में कई स्थान पर अवैध रेत उत्खनन के गड्ढों से छलनी हुए घाट दिखाये। वहीं कुछ स्थान पर रेत का बड़ी मात्रा में अवैध भंडारण भी टीम को मिला।
अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने के लिए तीनों राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की। वन विभाग के अधिकारियों ने चंबल नदी किनारे नई पोस्ट, चौकियां, वनकर्मी एवं एसएएफ जवानों की तैनाती की मांग सीईसी के सामने रखी गई।
सीईसी के सदस्य चंद्रप्रकाश गोयल ने कल सुबह 10 बजे सबसे पहले राजस्थान के धौलपुर पहुंचे। धौलपुर में भी चंबल नदी घड़ियाल अभ्यारण्य से सटे कुछ क्षेत्रों में रेत का अवैध उत्खनन होता है। धौलपुर में अफसरों की बैठक लेने के बाद दोपहर 12 बजे चंबल राजघाट पर पहुंचे। नाव से राजघाट से ऊपर की ओर बरवासिन, देवपुर, राजस्थान के मोरोली, डांग बसई के घाट देखे। राजस्थान के नीचे की ओर पिपरई की ओर घाटों का निरीक्षण किया।
बैठक में मप्र वन विभाग के अफसरों ने अमले की कमी बताते हुए कहा कि चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य का सबसे बड़ा हिस्सा मुरैना जिले में स्थित है और रेत के घाटों की संख्या भी मुरैना में अधिक है। इन पर निगरानी और प्रभावी कार्रवाई के लिए चंबल नदी किनारे 16 नई पोस्ट, तीन वन चौकियां खोली जानी चाहिए, इनके लिए 240 वनकर्मी व एसएएफ जवानों की मांग भी वन अफसरों ने सीईसी के समक्ष रखी। साथ ही अवैध उत्खनन व परिवहन के लिए संवेदनशील इलाकों में तैनात वनकर्मियों को हथियार दिए जाने की जरूरत बताई।
मप्र वन विभाग के पीसीसीएफ शुभरंजन सेन, मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, एसपी समीर सौरभ, धौलपुर कलेक्टर श्रीनिधि बीटी. धौलपुर एसपी विकास सागवान, मुरैना डीएफओ हरीश बघेल, धौलपुर डीएफओ आशीष व्यास और उप्र के आगरा के डीएफओ आदर्श कुमार शामिल रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित