सुकमा , जनवरी 27 -- छत्तीसगढ के सुकमा जिले के दूरस्थ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार जारी है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रयास से जिले के 14 मोतियाबिंद मरीजों का सफल उपचार कराकर उनके जीवन में नई रोशनी लाई गई है।

स्वास्थ्य विभाग के जनसंपर्क अधिकारी ने मंगलवार को बताया - शासन की 'नियद नेल्लानार' (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से कोंटा विकासखंड के दूरस्थ गांव मुकर्रम, पटेलपारा, सरपंचपारा और किस्टाराम जैसे पहुंचविहीन क्षेत्रों के मरीजों की पहचान की गई थी। इन चिह्नित 14 मरीजों को जिला प्रशासन द्वारा विशेष वाहन की व्यवस्था कर बेहतर उपचार के लिए जगदलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उनका सफल ऑपरेशन संपन्न हुआ।

ऑपरेशन के बाद सभी मरीजों को नेत्र सहायक की देखरेख में जगरगुंडा और किस्टाराम से सुरक्षित जिला अस्पताल सुकमा लाया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, मरीजों की रिकवरी और बेहतर फॉलो-अप के लिए उन्हें अगले चार दिनों तक जिला अस्पताल में विशेषज्ञों की निगरानी में रखा जाएगा। इस दौरान मरीजों के ठहरने और भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की गई है।

स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन का यह प्रयास दर्शाता है कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से अब शासन की योजनाएं सुदूर वनांचलों के अंतिम व्यक्ति तक सीधे पहुंच रही हैं। स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने वाले मरीजों ने इस संवेदनशील पहल के लिए मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित