नयी दिल्ली , जून 25 -- जल जीवन मिशन के तहत आयोजित 'सुजल ग्राम संवाद' के आठवें संस्करण में जल विशेषज्ञों ने जल संरक्षण के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल स्रोतों का संरक्षण, पेयजल योजनाओं का नियमित रखरखाव तथा जल गुणवत्ता की सतत निगरानी आवश्यक है।

जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा आयोजित इस बहुभाषी संवाद में देशभर की ग्राम पंचायतों, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, छात्रों तथा विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अतिरिक्त सचिव एवं मिशन निदेशक कमल किशोर सोएन ने की।

जल जीवन मिशन के तहत विकसित की जा रही पेयजल प्रणालियों को लेकर संवाद के दौरान वक्ताओं ने कहा कि में योजना को अगले 25 से 30 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। उनका कहना था कि जल स्रोतों की स्थिरता, जल की बर्बादी रोकने, समय पर संचालन एवं रखरखाव तथा स्थानीय स्तर पर मरम्मत और निगरानी की क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

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