रायपुर , सितंबर 16 -- छत्तीसगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक पात्र परिवार तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित 'सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान' की प्रगति की बुधवार को मुख्य सचिव ने समीक्षा की और योजनाओं के शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण पर जोर दिया।
उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव ने 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' डैशबोर्ड पर दर्ज योजनाओं के क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को डैशबोर्ड पर सभी योजनाओं की जिलेवार संतृप्ति का स्पष्ट विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रभावी निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
अभियान के तहत राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के सर्वेक्षित पात्र हितग्राहियों की जानकारी राज्य स्तरीय डैशबोर्ड पर दर्ज की जा रही है।
बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड एवं मुफ्त राशन वितरण, जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महतारी वंदन योजना, कौशल विकास कार्यक्रम और प्रधानमंत्री जन-धन योजना सहित विभिन्न योजनाओं के संतृप्तिकरण की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने बस्तर संभाग में योजनाओं के संतृप्तिकरण, 'नियद नेल्ला नार-2.0', गृह मंत्रालय की बैठक के कार्यवाही विवरण के अनुरूप संतृप्ति अभियान की प्रगति तथा सुघ्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल पर राशन कार्ड के आधार पर तैयार हितग्राहियों की सूची की भी समीक्षा की।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, सुशासन एवं अभिसरण तथा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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