चंडीगढ़ , सितंबर 11 -- पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) के प्रवक्ता रणबीर सिंह ढींढसा ने बेअदबी, बहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड मामलों में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष पेश नहीं होने को लेकर उन पर निशाना साधा है।
श्री ढींढसा ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि श्री बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष इन घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार की थी, लेकिन अब एसआईटी के समक्ष सच बताने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री बादल तत्कालीन गृह मंत्री थे और कोटकपूरा गोलीकांड के लिए उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि फरीदकोट अदालत के रिकॉर्ड और सुखबीर बादल की अपनी रिट याचिका के अनुसार गोलीकांड की रात वह एक पांच सितारा होटल में थे और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के लगातार संपर्क में थे। उन्होंने सवाल किया कि यदि गृह मंत्री रहते हुए उनकी पुलिस अधिकारियों से पूरी रात बातचीत होती रही, तो घटना की जिम्मेदारी किसकी बनती है।
आप प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अकाली दल और भाजपा के बीच कथित गठजोड़ पूरी तरह उजागर हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि बेअदबी मामलों से बचने के लिए सुखबीर बादल दिल्ली में भाजपा नेतृत्व के साथ कथित समझौता कर पंजाब के हितों से समझौता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2020 में अकाली दल और भाजपा का गठबंधन औपचारिक रूप से भले ही टूट गया हो, लेकिन दोनों दलों के बीच राजनीतिक समझ कथित तौर पर बनी रही। उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के समर्थन और संसद में विधेयक पारित कराने के लिए अकाली दल के एकमात्र सांसद के समर्थन का भी उल्लेख किया। उन्होंने पंजाब के लोगों से अकाली दल नेतृत्व के रुख पर सवाल उठाने और कथित तौर पर पंजाब विरोधी राजनीति को बेनकाब करने की अपील की।
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