चंडीगढ़ , अगस्त 13 -- महाराष्ट्र में नांदेड स्थित तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब में गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की पंजाब भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने कड़ी निंदा की है। नेताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन हिंसा को किसी भी परिस्थिति में जायज नहीं ठहराया जा सकता।

पंजाब भाजपा प्रवक्ता प्रो. सरचंद सिंह ख्याला ने कहा कि पवित्र धार्मिक स्थल पर किसी राजनीतिक नेता पर हमला केवल राजनीतिक हिंसा का मामला नहीं है, बल्कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती है। उन्होंने श्री बादल के शीघ्र स्वस्थ होने और चढ़दी कला में रहने की कामना की। उन्होंने कहा कि श्री हजूर साहिब की पवित्र भूमि शांति, सेवा, सिमरन और सर्वजन के कल्याण का संदेश देती है। ऐसे पवित्र स्थान पर हिंसा की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

श्री ख्याला ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस जांच कर रही है, इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी राजनीतिक या संगठित साजिश के संबंध में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। हालांकि, यदि जांच में किसी बड़ी साजिश या उकसावे का खुलासा होता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

भाजपा नेता राजिंदर मोहन सिंह छीना ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा कि किसी राजनीतिक नेता या नागरिक पर हिंसक हमला लोकतंत्र और सामाजिक शांति के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और राजनीतिक या वैचारिक मतभेदों का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

भाजपा पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब में श्री बादल पर हमले की खबर सुनकर वह बेहद चिंतित हैं। उन्होंने श्री के शीघ्र स्वस्थ होने और चढ़दी कला के लिए अरदास की। श्री ढिल्लों ने कहा कि हिंसा का किसी भी समाज और लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है, विशेषकर पवित्र तख्त साहिबान की धरती पर तो बिल्कुल नहीं। उन्होंने कहा कि श्री हजूर साहिब की पवित्र भूमि शांति, सेवा, सिमरन और सरबत के भले का संदेश देती है और वहां ऐसी घटना बेहद दुखद एवं निंदनीय है।

पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने भी घटना की पुरजोर निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद और विचारों की असहमति लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन हिंसा को किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि सचखंड श्री हजूर साहिब की पवित्र धरती पर ऐसी घटना होना और भी दुखद है। पंजाब पहले ही हिंसा के काले दौर का गहरा संताप झेल चुका है, इसलिए हर हाल में शांति, भाईचारे और कानून के शासन की रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने श्री बादल के अच्छे स्वास्थ्य और चढ़दी कला की कामना करते हुए महाराष्ट्र सरकार से घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करने की अपील की।

पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी श्री बादल पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि राजनीति में संवाद सर्वोपरि होना चाहिए, हिंसा नहीं। जाखड़ ने सुखबीर सिंह बादल के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और राजनीतिक विरोध के लिए संवाद एवं संवैधानिक माध्यम उपलब्ध हैं। किसी भी परिस्थिति में हिंसा को राजनीतिक अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

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